केंद्र ने कोयला खदानों की खोज और ऑपरेशनलाइजेशन में तेजी लाने के लिए 18 मान्यता प्राप्त एजेंसियों को जोड़ा

युगवार्ता    28-Nov-2025
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कोयला मंत्रालय के लोगो का प्रतीकात्‍मक चित्र


- कोयला खदानों के शीघ्र संचालन के लिए त्वरित अन्वेषण की दिशा में एक और कदम उठाया

नई दिल्‍ली, 28 नवंबर (हि.स)। देश में कोयला खनन को रफ्तार देने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देश में मान्यता प्राप्त पूर्वेक्षण एजेंसियों के दायरे को बढ़ाते हुए निजी संस्थाओं को भी अधिकृत एजेंसियों की सूची में 18 मान्यता प्राप्त एजेंसियों को शामिल किया गया है।

कोयला मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि कोयला खदानों की खोज में तेजी लाने और उन्हें जल्दी चालू करने के मकसद से एक अहम कदम उठाते हुए 18 और प्राइवेट कंपनियों को एक्रेडिटेड प्रॉस्पेक्टिंग एजेंसी (एपीए) के तौर पर नोटिफाई किया गया है। इस संबंध में कोयला मंत्रालय द्वारा प्रकाशित अधिसूचना मंत्रालय की वेबसाइट https://coal.nic.in/sites/default/files/2025-11/28-11-2025a-wn.pdf पर उपलब्ध है।

मंत्रालय की ओर से 26 नवंबर, 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार खान व खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1) के दूसरे प्रावधान के तहत, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की नेबेट (QCI-NABET) द्वारा मान्यता प्राप्त निजी संस्थाओं को आधिकारिक रूप से खनिज खोज संबंधी कार्यों के लिए अधिकृत कर दिया गया है। इससे कोयला और लिग्नाइट की खोज के लिए 18 और एजेंसियां जुड़ जाएंगी, जिससे कोयला ब्लॉक आवंटियों को कोयला और लिग्नाइट की खोज के लिए इन एजेंसियों को नियुक्त करने में अधिक विकल्प मिलेगा।

नई मान्यता प्राप्त एजेंसियों में ये हैं शामिल:-

इंडियन माइन प्लानिंग एंड कंसल्टेंट्स, कोलकाता; मेरॉक्स माइनिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम; यूनाइटेड एक्सप्लोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता; माहेश्वरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता; नेचुरल रिसोर्सेज डिवीजन - टाटा स्टील लिमिटेड, पूर्वी सिंहभूम; माइनिंग एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड, बिदवान; रेम्को कोल एक्सप्लोरेशन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रपुर; साउथ वेस्ट जियोलॉजिकल एक्सप्लोरेशन लिमिटेड, गुरुग्राम; जियोटेक्निकल माइनिंग सॉल्यूशंस, धर्मपुरी; नोवोमाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ईस्ट खासी हिल्स; सुरमाइन कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली; कार्तिकेय एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर; माइनिंग टेक कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद; जेम्स प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, रांची; रेवेल कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद; सीएमएमसीओ टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड, हैदराबाद; जसनी जियोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर; एपीसी ड्रिलिंग एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, नामक्कल शामिल हैं।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि इन अन्वेषण एजेंसियों के जुड़ने से लगभग 6 महीने का समय बचेगा, जो पहले एजेंसी द्वारा लाइसेंस प्राप्त करने में लगता था। अधिकृत संभावित एजेंसियों के समूह का विस्तार करके, सरकार निजी क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग करना और अन्वेषण में दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना चाहती है। उम्मीद है कि इस कदम से अन्वेषण की गति में काफी तेजी आएगी और खनन को जल्दी बढ़ाने में मदद मिलेगी जिससे संसाधन विकास में तेजी आएगी और देश के लिए कोयला और लिग्नाइट की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयला और लिग्नाइट की बढ़ती उपलब्धता में योगदान मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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