अभाविप ने अधिवेशन में देश की विभाजन कारी शक्तियों को दी खुली चुनौती

युगवार्ता    29-Nov-2025
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देहरादून में आयाेजित खुला अधिवेशन में मंचासीन पदाधिकारी।


देहरादून, 29 नवंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अधिवेशन में देश की विभाजनकारी शक्तियों को लकारते हुए खुली चुनौती दी कि यदि देश को भाषा, क्षेत्रवाद व अन्य षड्यंत्रों से तोड़ने का प्रयास किया गया तो विद्यार्थी परिषद की संगठित छात्र शक्ति इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। विद्यार्थी परिषद ने युवाओं से आह्वान किया कि 2025 से 2047 तक तमाम मतभेद भुलाकर देश को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति, अध्यात्म, आर्थिक, सामाजिक समेत सभी क्षेत्रों में सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाकर भारत को विश्व गुरू के पद पर पुनः आसीन करने के लिए कार्य करें। यह परिषद का संकल्प है और यह संकल्प संगठित छात्र शक्ति सूर्य के वेग से चलकर पूरा करेगी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन आज देहरादून के दर्शन लाल चौक पर देर शाम खुला अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन को संबोधित करते हुए परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सोलंकी ने कहा कि पराधीन भारत में विभाजनकारी शक्तियों ने अपने ही राष्ट्र को नुकसान पहुंचाया और ये विभाजनकारी शक्तियां आज भी रूप बदकर भारत में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केरल, बंगाल, दिल्ली समेत अन्य प्रांतों में दूषित राजनीति के जरिए जेन-जी को भड़काने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अभाविप की छात्र शक्ति संस्कारित और राष्ट्रभक्त शक्ति है। अभाविप के प्रत्येक विद्यार्थी में राष्ट्र के लिए बलिदान और समर्पण का भाव और ऐसे प्रयासों को कभी सफल नहीं होने देगी बल्कि करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में अराजकता की हदें तक पार की जा रही हैं। बगैर प्रमाण के वोट चोरी का आरोप लगाने वाले राष्ट्र को तोड़ने के प्रयास में जुटे हैं। ये वही लोग हैं जो बंगाल के आरजी गर्ल्स कॉलेज की छात्र के बलात्कारियों को आज तक सजा नहीं दिला पाए। केरल में लव जेहाद और मेडिकल कॉलेजों में आतंक का कारोबार करने वाले लोगों को समर्थन करते हैं। इस प्रकार की राजनीति से राष्ट्र की नीति को भी नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आज विश्व का सबसे बड़ा और शक्तिशाली छात्र संगठन है। यह संगठन अपनी पूरी शक्ति राष्ट्र निर्माण में लगाता है और हर पल राष्ट्र चिंतन ही प्रत्येक छात्र का मूल मंत्र है। अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि परिषद का प्रत्येक विद्यार्थी भारत को गौरवशाली, समृद्धशाली और शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र संघ में पहली बार अभाविप ने जीत हासिल की और भविष्य में प्रत्येक कॉलेज में अभाविप के छात्र जीत का परचम लहराएंगे।

अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री शामिली वर्मा ने कहा कि वामपंथी संगठनों का लगातार प्रयास है कि कॉलेजों में अराजकता का माहौल तैयार किया जाए। कॉलेजों में बिंदी, चूडी और भारतीय परंपरा की वेशभूषा पहनकर आने वाली छात्राओं पर पिछड़ा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि संस्कारों का मजाक उडाने वालों को भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। बंगाल की कार्यकर्ता सुब्रत अधिकारी ने कहा कि बंगाल लुंगी छाप घुसपैठियों का अड्डा बन गया है। बंगाल सरकार लगातार वोट बैंक को बढ़ाने के लिए उन्हें सहयोग दे रही है और यह राष्ट्र के प्रति एक बड़ा षड्यंत्र है। तमिलनाडु के कार्यकर्ता इन्द्र चूरण ने कहा कि केरल, तमिलनाडु, बंगाल में नई शिक्षा नीति लागू नहीं की जा रही है। इसे लेकर अब संघर्ष और तेज किया जाएगा।

विद्रव की कार्यकर्ता पायल किनाके ने कहा कि विद्रव प्रांत में ऑपरेशन कागार शुरू किया गया है और इस ऑपरेशन से माओवादियों का अंत निश्चित रूप से होगा। माओवाद देश के लिए घुन के समान है और इसे नष्ट करना अभाविप का भी लक्ष्य है। अभाविप के उत्तराखंड के मंत्री ऋषभ रावत ने आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समूचे देश को आध्यात्म की ऊर्जा से सिंचित करने वाले उत्तराखंड राज्य आपदाओं से प्रभावित है और आपदाओं से संघर्ष के बाद भी राज्य लगातार विकास की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम के अंत में डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून के ऋषभ मल्होत्रा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। वंदे मातम के साथ खुले अधिवेशन को विदाई दी गई।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद पोखरियाल

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