

- बायोफार्मा इनोवेशन को मिलेगी नई रफ्तार, रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स पूरा करने में होगी मदद
नई दिल्ली, 29 नवंबर (हि.स)। डानाहर समूह की कंपनी और लाइफ साइंसेज सेक्टर की लीडर साइटिवा ने ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन वीडा लाइफसाइंसेज (वीडा क्लिनिकल रिसर्च लिमिटेड) के साथ मिलकर बेंगलुरु में एक खास हॉस्ट सेल प्रोटीन (एचसीपी) सर्विसेज सेंटर शुरू किया है। यह सेंटर बायोफार्मास्युटिकल कंपनियों को नई बायोलॉजिक्स दवाओं और बायोसिमिलर्स के डेवलपमेंट में रिस्क कम करने और रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स पूरा करने में मदद करेगा।
वीडा लाइफसाइंसेज के समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. महेश भालगत ने कहा कि हम साइटिवा के साथ पार्टनरशिप करके बहुत खुश हैं। इससे बायोलॉजिक्स बनाने वाली कंपनियों को गहरा साइंटिफिक इनसाइट मिलेगा और उनके प्रोडक्ट्स का कैरेक्टराइजेशन और मजबूत होगा। एनालिटिकल डेटा दवा को अप्रूवल मिलने में सबसे अहम होता है। हमारी यह साझेदारी बायोसिमिलर्स के रेगुलेटरी अप्रूवल को और मजबूत आधार देगी।
उन्होंने कहा कि साइटिवा की टेक्नोलॉजी से लैस और वीडा की फैसिलिटी के अंदर बना ये नया सेंटर बायोफार्मा मैन्युफैक्चरर्स, रिसर्चर्स और एकेडमिक संस्थानों के लिए एक पूरा एनालिटिकल हब बनेगा। यहां मल्टीपल एट्रीब्यूट डिफरेंशियल जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे एनालिसिस का काम तेज, सटीक और आसान हो जाएगा। सेंटर रेगुलेटरी अप्रूवल के लिए तैयार डेटा देगा। खासकर रिकॉम्बिनेंट प्रोटीन्स, थेरेप्यूटिक मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज, वैक्सीन्स आदि में मौजूद इंप्योरिटी के लिए।
डॉ. महेश भालगत ने बताया कि मुख्य सर्विसेज में एचसीपी कवरेज, कैरेक्टराइजेशन और क्वांटिफिकेशन असेज शामिल है। ये टेस्ट बहुत जरूरी हैं, क्योंकि थोड़ी सी भी एचसीपी इंप्योरिटी दवा की क्वालिटी खराब कर सकती है और मरीजों को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि साइटिवा के 2025 बायोफार्मा इंडेक्स में भी यही बात सामने आई है कि आजकल एनालिटिकल और डिजिटल टूल्स की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है। इससे प्रोडक्शन स्केल-अप आसान होता है, बैच फेल होने का खतरा कम होता है और जरूरी दवाएं मरीजों तक जल्दी पहुंचती हैं।
साइटिवा के साउथ एशिया जनरल मैनेजर मनोज कुमार आर पणिक्कर ने कहा कि ये नया सेंटर इनोवेशन को तेज करने और नई थेरेपीज को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जब साइंस, इंडस्ट्री और मकसद एक साथ आते हैं, तो बायोफार्मा में जो संभव है, ये सेंटर उसकी मिसाल है।वीडा लाइफसाइंसेज (वीडा क्लिनिकल रिसर्च लिमिटेड) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो दवा बनाने के सभी स्टेज के लिए पूरी सर्विस के साथ-साथ फंक्शनल सर्विस भी देता है। यह बायोटेक और फार्मास्युटिकल कंपनियों को प्री-क्लिनिकल से लेकर क्लिनिकल फार्माकोलॉजी और क्लिनिकल ट्रायल्स तक की अलग-अलग तरीकों से मदद करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर