

- प्रधानमंत्री ने महाबोधि महोत्सव के लिए भेजा शुभकामना संदेश, भगवान बुद्ध के संदेश को बताया आधुनिक विश्व की आवश्यकता
भोपाल, 29 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित विश्व धरोहर सांची में शनिवार को बुद्ध जम्बू द्वीप पार्क में दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव-2025 का विधिवत शुभारंभ हुआ। 'महाबोधि महोत्सव' और चेतियागिरी विहार के 73वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुभकामना संदेश प्रेषित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में सांची को भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध धर्म की साझा विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के भविष्य की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
बुद्ध का संदेश और आधुनिक विश्वप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में रेखांकित किया कि भगवान बुद्ध अपनी शिक्षाओं के माध्यम से आज भी विश्व पर गहरा प्रभाव बनाए हुए हैं। आधुनिक विश्व की चुनौतियों के बीच उनका शांति, करुणा और प्रज्ञा का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने चेतियागिरी विहार की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के परम शिष्यों- 'सारिपुत्र और महामोग्गल्लान' के पवित्र अवशेषों (अस्थि कलश) के संरक्षक के रूप में यह स्थान भारत की सांस्कृतिक विरासत में विशिष्ट स्थान रखता है। सांची हमारी प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान के बीच एक सेतु का कार्य करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'नमो बुद्धाय' के उद्घोष के साथ मध्य प्रदेश सरकार और महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
सांची में महाबोधि महोत्सव का भव्य आगाजसांची के बुद्ध जम्बू द्वीप पार्क में संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन रायसेन और महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय 'महाबोधि महोत्सव-2025' का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। महोत्सव की पहली शाम श्रीलंका की सुप्रसिद्ध कलाकार ललिता गोमस के लोक नृत्य एवं गायन से सजी। इसके अलावा भगवान बुद्ध के जीवन पर केंद्रित 'नृत्य नाटिका' और 'द साया बैंड' की भक्तिमय प्रस्तुतियाँ मुख्य आकर्षण रहीं। दूसरे दिन रविवार को देश के प्रतिष्ठित कवियों के साथ 'अखिल भारतीय कवि सम्मेलन' का आयोजन होगा, जिसमें सूर्यकुमार पांडेय, सुमित मिश्रा और अभिसार शुक्ला जैसे नामचीन कवि काव्य पाठ करेंगे। पर्यटकों और कला प्रेमियों के लिए इस गरिमामयी आयोजन में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से प्रारंभ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर