

कानपुर, 30 नवम्बर (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को छावनी स्थित रक्षा सामग्री एवं भंडारण अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई) पहुंचे। इस दौरान उन्होंने असफरों और अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके उपरांत सेना के लिए तैयार किए गए उत्पादों को भी बारीकी से परखने के बाद एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के डीएमएसआरडीई रोड पहुंचने से पहले ही यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया था। वह एयरपोर्ट से सीधे सड़क के रास्ते डीएमएसआरडीई पहुंचे। यहां पर सबसे पहले उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद डीएमएसआरडीई के अध्यक्ष एसबी कामद समेत अन्य अफसर के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान अफसरों ने सेना के लिए बनाए गए आधुनिक उपकरणों को पीपीटी के जरिए रक्षामंत्री के समक्ष पेश कर विस्तृत जानकारी दी। जिस पर रक्षामंत्री ने डीएमएसआरडीई टीम की अहम उपलब्धियों जैसे लेवल-6 बुलेटप्रूफ जैकेट, ब्रह्मोस मिसाइल के लिए नेफ्थाइल फ्यूल, इंडियन कोस्ट गार्ड के जहाजों के लिए हाई-प्रेशर पॉलीमरिक मेम्ब्रेन, एएफसी-बेस्ड सीबीआरएन सूट और एडवांस्ड स्टील्थ टेक्नोलॉजी की तारीफ की।
उन्होंने इंडस्ट्री और एकेडेमिया के साथ इंस्टीट्यूट की मज़बूत पार्टनरशिप की भी तारीफ की, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है।
यहां पर वह करीब 50 मिनट तक रुके। इसके बाद एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप