दो महामंडलेश्वर जूना अखाड़े से निष्कासित

युगवार्ता    30-Nov-2025
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अखाड़े द्वारा जारी निष्कासन का पत्र


हरिद्वार, 30 नवंबर (हि.स.)। हरिद्वार में 2027 के अर्धकुम्भ को कुंभ के रूप में दिव्य व भव्य तरीके से मनाए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो दिन पूर्व अखाड़ों के संतों के साथ हरिद्वार में बैठक की थी। इस बैठक पर सवालिया निशान लगा कर अखाड़े के खिलाफ बयान बाजी करने और संतों की मर्यादा के खिलाफ आचरण करने के आरोप में श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े ने दो संतों को तत्काल प्रभाव से अखाड़े से निष्कासित कर दिया।

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने अखाड़े के अनुशासन, मर्यादा और परंपराओं के उल्लंघन के आरोप में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज तथा महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज को तत्काल प्रभाव से अखाड़े से बाहर कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा कुंभ तैयारियों को लेकर की गई समीक्षा बैठक के प्रति इन संतों की कथित विवादित टिप्पणियां और संगठन के विरुद्ध बयानबाज़ी अखाड़े की गरिमा के विपरीत मानी गई। इसके बाद अखाड़े की शीर्ष पंचायत ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।

अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती ने इन दोनों का निष्कासन करते हुए कहा कि इन दोनों द्वारा प्रदेश सरकार तथा प्रशासन के विरुद्ध गाली गलौच व अनैतिक शब्दों का प्रयोग करने के कारण जूना अखाड़े से निष्कासित किया किया जाता है। श्री महंत मोहन भारती महाराज ने कहा उनका आचरण सनातन विरोधी है तथा यह कुंभ मेले में व्यवधान करने का प्रयास है तथा जूना अखाड़े की मर्यादा के विरुद्ध है।उन्होंने बताया महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि के विरुद्ध पूर्व में भी कई शिकायतें आई थी, जिनमें एक शिकायत उनके विरुद्ध हत्या के अभियोग का भी है, जिसकी जांच चल रही है। उन्होंने कहा की इन दोनों महामंडलेश्वरों को तत्काल प्रभाव से जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि अन्य संतों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और यदि प्रमाण मिले तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। ---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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