खादी की असली ताकत इसके कारीगरों में है : मनोज कुमार

30 Nov 2025 21:30:01
केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार का जारी फोटो


केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार का जारी फोटो


केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार का जारी फोटो


नई दिल्‍ली, 30 नवंबर (हि.स)। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, “खादी की असली ताकत इसके कारीगरों में है।” कुमार ने कहा कि खादी युवा पीढ़ी की पहली पसंद बन गई है और यह रोज़गार सृजन, पर्यावरणीय अनुकूलता और देश की आत्मनिर्भरता की यात्रा से जुड़ी हुई है।

आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने केवीआईसी के नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित नवयुग खादी फैशन शो को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने रैंप पर प्रदर्शित परिधानों की सराहना की और खादी के कारीगरों के समर्पण एवं शिल्प कौशल की प्रशंसा की। मनोज ने कहा कि नए जमाने की खादी डिज़ाइन, तकनीक और परंपरा का एक अनूठा संगम है।

केवीआईसी के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में खादी को नया जीवन देने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खादी को महज एक कपड़े से ऊपर उठाकर देशभक्ति के प्रतीक के साथ-साथ आधुनिक भारतीय जीवनशैली का प्रतीक बना दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शक मंत्र -खादी राष्ट्र के लिए, खादी फैशन के लिए और खादी परिवर्तन के लिए को दोहराया। इसने खादी को एक नई पहचान दी है।

उन्होंने कहा, आज की खादी न केवल पूज्य बापू की विरासत को आगे बढ़ा रही है बल्कि आधुनिक डिजाइन और वैश्विक फ़ैशन में भी तेजी से अपनी जगह बना रही है। खादी अब केवल गांवों तक सीमित नहीं रही, शहरों, फ़ैशन बाजारों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

मनोज कुमार ने कहा कि नए ज़माने की खादी डिजाइन, तकनीक और परंपरा का एक अनूठा संगम है। उन्होंने कहा कि खादी युवा पीढ़ी की पहली पसंद बन गई है और यह रोज़गार सृजन, पर्यावरणीय अनुकूलता और देश की आत्मनिर्भरता की यात्रा से जुड़ी हुई है। यह कार्यक्रम केवीआईसी, खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके), राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) और भारतीय फैशन डिज़ाइन परिषद (एफडीसीआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

रैंप पर खादी परिधानों और उत्पादों की विविध श्रृंखला प्रदर्शित की गई। इसे दर्शकों की भरपूर सराहना मिली। विशेष रूप से प्रेरक क्षण तब आया जब देश भर से खादी संस्थानों और कारीगरों के प्रतिनिधियों ने रैंप पर वॉक किया। केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार भी कारीगरों के साथ शामिल हुए। इससे यह संदेश गया कि खादी की असली ताकत उसके बुनकरों और निर्माताओं में निहित है, जो गांव से ग्लैमर तक की यात्रा का एक सशक्त अभिव्‍यक्ति है।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में बताया कि नवयुग खादी फैशन शो का आयोजन यहां शनिवार, 29 नवंबर को राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी, प्रगति मैदान में किया गया। इस शो में नए भारत की नई खादी को आधुनिक और नए तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में केवीआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एमएसएमई मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ए एंड आरई), एमएसएमई मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार और केवीआईसी के वित्तीय सलाहकार, सीओईके के निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्रालय के मुताबिक इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार थे। इस शो में नए भारत की नई खादी को आधुनिक और नए तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में खादी के आधुनिक और नए रूप को आधुनिक तरीके से प्रदर्शित किया गया। इस शो से जुड़ी प्रदर्शनी का उद्घाटन एक दिन पहले, 28 नवंबर को किया गया। इसी दिन खादी ज्ञान पोर्टल के दूसरे खंड का भी लोकार्पण किया गया।

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के मुताबिक यह कार्यक्रम 3 दिसंबर, 2025 तक सुबह 11:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा, जिसमें प्रदर्शनियां, बिक्री काउंटर और हाथ से कताई, प्राकृतिक रंगाई और साड़ी ड्रेपिंग पर आकर्षक कार्यशालाएं शामिल होंगी। इसके अलावा आगंतुकों को इन चर्चा सत्रों के माध्यम से खादी का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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