
नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को युवाओं से दूरदर्शी निर्णय लेने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं का मनोबल ही आगे चलकर राष्ट्र की वास्तविक शक्ति बनता है।
अजीत डोभाल ने आज युवा मामलों के मंत्रालय की ओर से आयोजित यंग लीडर्स डायलॉग में सहभागिता की। इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने निर्णय लेने की क्षमता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि किसी भी कदम से पहले दो कदम आगे की सोच लेकर चलना चाहिए। साथ ही विकल्पों के बारे में पहले सोच लेना चाहिए।
डोभाल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर संघर्ष मूलतः अपनी बात मनवाने का प्रयास होता है। यदि मनोबल कमजोर हो, तो अस्त्र-शस्त्र भी प्रभावी नहीं रह जाते। उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा की।
इतिहास को एक महत्वपूर्ण सबक बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियां इससे सीख नहीं लेंगी, तो इससे बड़ी कोई त्रासदी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अतीत में हम अपनी सुरक्षा और खतरों को सही ढंग से नहीं समझ पाए, जिसके कारण इतिहास ने हमें कठोर सबक सिखाए। अब समय आ गया है कि हम अपने इतिहास से सीख लेकर देश को उस ऊंचाई तक पहुंचाएं, जहां अपनी पहचान और आस्था के आधार पर एक महान भारत का निर्माण किया जा सके।
डोभाल ने युवाओं से कहा कि वे न केवल सही निर्णय लें बल्कि लिए गए निर्णयों को सही सिद्ध भी करें। अपने निर्णयों पर दृढ़ रहकर ही सशक्त नेतृत्व का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि प्रेरणा अस्थायी होती है लेकिन जब उसे जीवन के अनुशासन के रूप में अपनाया जाता है, तो वह आदत बन जाती है।
उन्होंने निर्णय टालने की प्रवृत्ति छोड़ने और लगन के साथ निरंतर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के मनोबल से ही देश का मनोबल मजबूत होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा