जिन्ना वाले बयान से सियासी तूफान, कांग्रेस की सोच पर फिर खड़े हुए सवाल

10 Jan 2026 22:14:53
कांग्रेस का विवादास्‍पद बयान पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं अन्‍य पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया


भोपाल, 10 जनवरी (हि.स.)। देश की राजनीति में एक बार फिर स्‍वाधीनता आन्‍दोलन के बलिदानियों और इतिहास की व्याख्या को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बयान को देश की आजादी के शहीदों के बलिदान का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर देशविरोधी मानसिकता अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। ‘जिन्ना’ जैसे विभाजन के प्रतीक को सम्मानसूचक भाषा में याद किए जाने को भाजपा ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का नया उदाहरण करार दिया है।

यह विवाद उस समय भड़का जब उदय भानु चिब ने इंदौर शहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के नेताओं का उल्लेख करते हुए मोहम्मद अली जिन्ना को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे भाजपा ने ‘महिमामंडन’ बताया। चिब के बयान का वीडियो और अंश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि जिन्ना भारत विभाजन का मुख्य किरदार था, जिनके कारण लाखों लोगों की जान गई और देश का बंटवारा हुआ। ऐसे व्यक्ति को सम्मान के साथ याद करना शहीदों के बलिदान का भी अपमान है।

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को सबसे आक्रामक तरीके से भाजपा नेता प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष ऊषा अग्रवाल ने उठाया। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि “पहले ओसामा जी, अब जिन्ना जी- यह कोई एक बयान या शब्दों की चूक नहीं है। किस तरह कांग्रेस और उससे जुड़े संगठन देश की आज़ादी और अखंडता पर प्रश्नचिह्न लगाने वाली सोच को बार-बार सामने लाते रहे हैं। यह महज शब्दों की चूक नहीं, बल्कि कांग्रेस और उसके संगठनों की गहरी सोच को उजागर करता है।

उन्‍होंने कहा, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब द्वारा- 1947 में देश के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों का उल्लेख करते हुए जिन्ना जैसे विभाजन के प्रतीक को सम्मानसूचक शब्दों से संबोधित करना, कांग्रेस की उसी मानसिकता को उजागर करता है जो देशविरोधी ताकतों के प्रति नरमी रखती आई है। कांग्रेस के लिए राष्ट्र पहले नहीं, उनकी तुष्टिकरण और वैचारिक भ्रम की राजनीति पहले है। जिन शहीदों ने अखंड भारत के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए, उनके बलिदान की अवहेलना कर जिन्ना और ओसामा जैसे नामों के प्रति सम्मान दिखाना कांग्रेस की सोच का असली चेहरा है। देश सब देख रहा है, सुन रहा है और समझ रहा है-राष्ट्रभक्ति और देशविरोधी मानसिकता के बीच का अंतर भी, और कांग्रेस की वास्तविक सोच भी।

दरअसल, आशीष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में राष्ट्र सर्वोपरि नहीं, बल्कि तुष्टिकरण और वैचारिक भ्रम पहले आता है। उनका यह पोस्ट कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गया और कांग्रेस पर हमले और तेज हो गए। भाजपा के अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश भाजपा उपाध्‍यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि जिन्ना का नाम सम्मान के साथ लेना उन शहीदों का अपमान है, जिन्होंने अखंड भारत के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। यह दुखद है कि कांग्रेस आज भी वही विभाजनकारी मानसिकता दिखा रही है, जिसने 1947 में देश को दर्द दिया था। भाजपा युवा पदाधिकारी रविंद्र सिंह ने कहा कि यूथ कांग्रेस का यह बयान युवाओं को गुमराह करने की कोशिश है। भाजपा जहां युवाओं को राष्ट्रभक्ति और कर्तव्य का पाठ पढ़ाती है, वहीं कांग्रेस बार-बार ऐसे बयान देकर भ्रम फैलाने का काम करती है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी देशविरोधी मानसिकता पर आत्ममंथन करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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