भारत के युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूत कर रहे हैं: मोदी

11 Jan 2026 15:55:53
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


​नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत के युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूत कर रहे हैं।

मोदी ने यह बात आज वीडियो संदेश के माध्यम से श्रीमद् विजयरत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं पुस्तक के विमोचन समारोह में कही। इस ​पुस्तक का विषय प्रेमनु विश्व, विश्वनो प्रेम है।

उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में से एक है, जहां के युवा विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूत कर रहे हैं। इस परिवर्तन में महाराज साहब जैसे संतों का मार्गदर्शन और साहित्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह मात्र एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक मंत्र है, जो प्रेम की शक्ति का परिचय देता है। विशेष रूप से आज, जब विश्व विभाजन और संघर्ष से जूझ रहा है, तब इस पुस्तक की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जैन दर्शन के मार्गदर्शक सिद्धांत परस्परोपग्रहो जीवनम् का उल्लेख किया और इसका अर्थ बताते हुए कहा कि प्रत्येक जीवन दूसरे से जुड़ा हुआ है। जब इस सिद्धांत को समझा जाता है, तो हमारा दृष्टिकोण व्यक्ति से हटकर सामूहिक हित की ओर मुड़ जाता है और हम व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाज, राष्ट्र तथा मानवता के लक्ष्यों के बारे में सोचने लगते हैं।

उन्होंने कहा कि महाराज की 500 रचनाएं एक विशाल सागर के समान हैं, जिनमें अनगिनत विचार रत्न समाहित हैं, जो मानवता की समस्याओं के सरल और आध्यात्मिक समाधान प्रस्तुत करते हैं।

​प्रधानमंत्री मोदी ने नवकार मंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लिए गए नौ संकल्पों को आज एक बार फिर दोहराया, जो राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए आवश्यक हैं। इनमें जल संरक्षण, एक पेड़ माँ के नाम लगाना, स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना, भारत दर्शन को अपनाना, प्राकृतिक कृषि को अपनाना, स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना, योग तथा खेलों को जीवन में शामिल करना और गरीबों की मदद करने का संकल्प लेना हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

Powered By Sangraha 9.0