ग्रीनलैंड, 12 जनवरी (हि.स.)। ग्रीनलैंड की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी भी परिस्थिति में अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा को स्वीकार नहीं कर सकती। सरकार ने दो टूक कहा कि ग्रीनलैंड न तो बिकाऊ है और न ही किसी दूसरे देश के अधीन आने का सवाल पैदा होता है।
ग्रीनलैंड सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और डेनिश कॉमनवेल्थ के अंतर्गत होने के कारण वह नाटो (NATO) का सदस्य है। ऐसे में ग्रीनलैंड की सुरक्षा और रक्षा नीतियां नाटो के ढांचे के भीतर ही तय और लागू की जाएंगी।
बयान में यह भी कहा गया कि हाल ही में नाटो के छह सदस्य देशों द्वारा ग्रीनलैंड के समर्थन में दिए गए सकारात्मक संदेश के बाद, ग्रीनलैंड सरकार अब अपनी रक्षा को नाटो के अंतर्गत और मजबूत करने के प्रयास तेज करेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि नाटो के सभी सदस्य देश, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, ग्रीनलैंड की सुरक्षा में समान हित रखते हैं। इसी कारण ग्रीनलैंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार डेनमार्क के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि ग्रीनलैंड की रक्षा से जुड़े सभी संवाद, योजनाएं और विकास कार्य नाटो सहयोग के दायरे में ही हों।
ग्रीनलैंड सरकार ने यह भी दोहराया कि वह पश्चिमी रक्षा गठबंधन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा और उसकी संप्रभुता, पहचान और राजनीतिक स्थिति पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड की सामरिक अहमियत को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है, जिस पर यूरोप और नॉर्डिक देशों में भी चिंता जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय