हिन्दू समाज में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए: नरेन्द्र ठाकुर

14 Jan 2026 15:23:53
हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते नरेंद्र ठाकुर


त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में हुआ हिन्दू सम्मेलनजाति को नहीं मानता संघ का स्वयंसेवक: नरेन्द्र ठाकुर

लखनऊ, 14 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख ने नरेन्द्र ठाकुर कहा कि हिन्दू समाज में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। संघ भेदभाव नहीं मानता, लेकिन समाज में है। समाज के अंदर के भेदभाव, जातिगत भेदभाव, छुआछूत, भाषा व क्षेत्र के भेद से ऊपर उठकर हमें एक साथ खड़ा होना होगा तभी हम संगठित हो सकते हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख ठाकुर बुधवार को यहां वृन्दावन योजना स्थित त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में हिन्दू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। नरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि हमारे धर्म ग्रन्थों में जाति के नाम पर छुआछूत का उल्लेख नहीं है। छुआछूत गुलामी के काल में आयी हुई कुरीति है। इसलिए संघ के अंदर किसी प्रकार की जाति नहीं मानी जाती है। संघ का स्वयंसेवक जाति को नहीं मानता। ठाकुर ने कहा कि संघ के दूसरे सरसंघचालक माधव राव सदाशिवराम गोलवलकर श्रीगुरूजी ने सभी संतों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। संतों के माध्यम से हिन्दव: सोदरा सर्वे का उदघोष कराया। सभी हिन्दू सहोदर हैं। हिन्दू पतित नहीं हो सकता। सब समान हैं। समाज में आयी बुराई को दूर करने के लिए संघ ने प्रयत्न किया। समाज की कुरीतियों को दूर करना होगा तब हमारा समाज एक हो सकता है। साथ चलना है, संगठित होना है तो जातिगत भेदभाव छुआछूत,भाषा के भेद से ऊपर उठना होगा।

सारी समस्याओं का समाधान संघ नहीं करेगानरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि 1948 में संघ को समाप्त करने का प्रयत्न हुआ। वर्ष 1975 में आपातकाल लगाकर संघ को समाप्त करने का प्रयत्न हुआ। लोकतंत्र की रक्षा के लिए सबसे अधिक संघ के लोग जेल गये। आज संघ का सहयोग समर्थन करने के लिए पूरा समाज खड़ा है। एक लाख से अधिक स्थानों पर हम संघ का काम करते हैं। समाज का चित्र बदलने के लिए संघ के स्वयंसेवक एक लाख 30 हजार सेवा कार्य चला रहे हैं। 32 से ​अधिक अखिल भारतीय संगठन हैं। संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन अपना समाज बहुत बड़ा है। यह काम पूरे समाज को करने की आवश्यकता है। सारी समस्याओं का समाधान संघ नहीं करेगा। संघ का काम लोगों का जागरण करना है। व्यक्ति निर्माण का काम संघ 100 वर्षों से कर रहा है। संघ के प्रयत्नों के कारण एक वातावरण समाज में बना है।

दुनिया का मार्गदर्शन करेगा भारत अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख ठाकुर ने कहा कि जब तक हिन्दू समाज स्वयं को नहीं पहचानेगा। हम कौन थे। हमारे पूर्वज, हमारी संस्कृति क्या है। इसका बोध नहीं होगा तब तक समाज आगे बढ़ नहीं सकता। दुनिया के लोग भारत में शिक्षा लेने आते थे। हम बलशाली थे समृ​द्धशाली थे। उन्हाेंने कहा कि जीवन मूल्यों पर गर्व कर उन जीवन मूल्य को अपने जीवन में उतारना होगा, तभी हमारा देश दुनिया का सक्षम शक्तिशाली व समृद्धशाली राष्ट्र बनेगा। तभी भारत दुनिया को ज्ञान देगा और दुनिया का मार्गदर्शन करेगा।

अमेरिका, रूस व चीन हमें बड़ा नहीं करेगाठाकुर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अंदर देशभक्ति का भाव होना चाहिए। समाज के लिए अच्छा काम करना यही आज के समय में देश​भक्ति है। जो पिछड़ गये हैं उन्हें आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। समाज में गरीबी अशिक्षा है तो समाज आगे कैसे बढ़ सकता है। नि:स्वार्थ भाव से देश समाज के लिए कुछ करना चाहिए। स्व के आधार पर हमारा जीवन चलना चाहिए तभी हम आत्मनिर्भर बनेंगे। अमरीका रूस व चीन हमें बड़ा नहीं करेगा। वह अपना माल बेंचने का प्रयास करेंगे। हमें अपने देश में बनी चीजों का इस्तेमाल करना होगा तभी आर्थिक उन्नति कर सकते हैं।

हिन्दू सम्मेलन में चिन्मय मिशन लखनऊ के प्रमुख कौशिक चैतन्य ने कहा कि जो समाज अपने कर्तव्य से विमुख हो जाता है धीरे—धीरे वह परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ जाता है। यही कारण रहा कि शक,हूण,मुगल व अंग्रेजों ने हमारे ऊपर शासन किया। आज भी भारत माता के स्वाभिमान पर कटाक्ष किया जाता है। राम को काल्पनिक कहा जाता है।

इस अवसर पर विभाग प्रचारक अनिल, लखनऊ दक्षिण के भाग कार्यवाह धीरेन्द्र, सह भाग कार्यवाह सिद्धार्थ, भाग प्रचारक दौलत, भाग सह प्रचार प्रमुख रमाकांत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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