प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं

14 Jan 2026 09:31:53
भरतकूप में मकर संक्रांति पर लोग कर रहे स्नान।


नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं। आज देशभर के पवित्र सरोवरों, कुओं और नदियों में डुबकी लगाने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है। भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट के धार्मिक स्थानों में भी लोग मकर संक्रांति की पूजा करने से पूर्व स्नान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह व्हाट्स ऐप पर संदेश लिखा, '' सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्य देव सबका कल्याण करें।''

मकर संक्रांति पर चित्रकूट के भरतकूप पर पांच दिवसीय मेले की शुरुआत हो गई है। चित्रकूट के रामघाट पर स्नानार्थियों की भीड़ सुबह से जुटी है। भरतकूप पर पांच तीर्थों के पवित्र जल से स्नान की खास मान्यता है। रामचरित मानस के अयोध्याकांड की चौपाई- '' भरतकूप अब कहिहहिं लोगा, अतिपावन तीरथ जल योगा। प्रेम सनेम निमज्जत प्राणी, होईहहिं विमल कर्म मन वाणी।।'' भरतकूप के महात्म का बोध कराती है।

चित्रकूट प्रभु श्रीराम वनवास काल में आए थे। तभी भरत अयोध्या की जनता के साथ भइया राम को मनाने यहां पधारे थे। साथ में राज्याभिषेक के लिए समस्त तीर्थों का जल भी लेकर आए थे। भगवान श्रीराम 14 साल वनवास के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ थे। अयोध्या वापस जाने और राज्याभिषेक से इनकार करने पर भरत निराश हो गए थे और श्रीराम के आदेश पर सभी तीर्थों का जल और सामग्री कूप में छोड़ दी थी। तब से इस कूप का नाम भरतकूप हो गया। मकर संक्रांति पर मंदाकिनी तट रामघाट, सूर्यकुंड, भरतकूप, वाल्मीकि आश्रम लालापुर, साईपुर. पालेश्वर नाथ पहाड़ी. मंदाकिनी-यमुना संगम स्थल कनकोटा, तुलसी जन्मस्थली राजापुर, परानू बाबा बरगढ़, शबरी जल प्रपात, मारकंडेय आश्रम में लोग स्नान के लिए जुटे हुए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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