रेलवे ने माल परिवहन में बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में 892 ट्रेनों का इंटरचेंज

14 Jan 2026 19:48:53
भारतीय रेलवे का लोगो


नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए परिचालन दक्षता का नया मानदंड तय किया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क पर एक ही दिन में रिकॉर्ड 892 ट्रेनों का इंटरचेंज किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के अनुसार रविवार, 5 जनवरी को डीएफसी नेटवर्क और भारतीय रेलवे के पांच जोनों के बीच कुल 892 इंटरचेंज ट्रेनों का संचालन किया गया। इससे पहले 4 जनवरी को 865 ट्रेनों का इंटरचेंज किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड था।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस रिकॉर्ड मालवाहक इंटरचेंज से पारंपरिक रेल लाइनों पर दबाव कम हुआ है, जिससे यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक समयबद्ध और सुविधाजनक बन सका है। साथ ही आवश्यक वस्तुओं की तेज डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

यह उपलब्धि डीएफसीसीआईएल की बढ़ती परिचालन क्षमता, सुदृढ़ योजना प्रणाली और मजबूत ट्रैफिक प्रबंधन को दर्शाती है। ट्रेन गति के प्रभावी नियमन, सुरक्षित हेडवे बनाए रखने और पड़ोसी स्टेशनों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए भारी लोड वाले खंडों पर भी सुरक्षित, ईंधन-कुशल और निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया गया।

आधुनिक ट्रेन शेड्यूलिंग टूल्स, रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग, स्वचालित सिग्नलिंग और डिजिटल कंट्रोल रूम्स ने इस प्रदर्शन को और मजबूत किया। सेंट्रल कंट्रोल द्वारा नेटवर्क स्तर पर निगरानी और योजना के जरिए पूरे डीएफसी नेटवर्क में निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया गया।

उच्च क्षमता वाले शक्तिशाली इंजनों ने लंबी और भारी मालगाड़ियों को अधिक औसत गति से खींचने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, लोको पायलटों, सहायक लोको पायलटों और ट्रेन प्रबंधकों के बेहतर समन्वय से पूरे दिन सुरक्षित और अनुशासित संचालन संभव हो सका। मजबूत फीडर रूट्स और कुशल यार्ड प्रबंधन के चलते ट्रेनों की आवाजाही तेज हुई और माल की समय पर निकासी सुनिश्चित हुई।

रेलवे के अनुसार डीएफसी नेटवर्क पर हाल के वर्षों में लगातार उच्च घनत्व वाला माल परिवहन देखा गया है। 30 मार्च 2025 को 846, 14 सितंबर 2025 को 830, 31 मार्च 2025 को 820, तीन जनवरी 2026 को 812 और 25 मई 2025 को 808 ट्रेनों का इंटरचेंज किया गया था।

यह रिकॉर्ड भारत की लॉजिस्टिक्स प्रणाली में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। कोयला, सीमेंट, कंटेनर और कृषि उत्पादों जैसी आवश्यक वस्तुओं की तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय ढुलाई से आपूर्ति शृंखला मजबूत हुई है। भारतीय रेलवे जहां एक ओर करोड़ों यात्रियों को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी ओर उच्च घनत्व वाले माल परिवहन के जरिए देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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