
नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स)। कोयला मंत्रालय ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के साथ तीन वाणिज्यिक कोयला खंडों के विकास और उत्पादन के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए है। इससे देश के ऊर्जा सुरक्षा और रोजगार लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कोयला मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि समझौते में धुलिया नॉर्थ, मंदाकिनी बी और पीरपैंती बरहट कोयला खान का विकास और उत्पादन करना शामिल है। वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 13वें दौर में इन कोयला खंड़ो की नीलामी हुई थी। इन समझौतों का क्रियान्वयन कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है। इन तीनों कोयला खंडों का अन्वेषण हो चुका है। इनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 49 मिलियन टन है, जो देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी करने में अहम योगदान देगा। इन परियोजनाओं से सालाना करीब 4,621 करोड़ रुपये का राजस्व और लगभग 7,350 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होगा। इससे आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
कोयला मंत्रालय ने कहा कि इन कोयला खंडों के विकास से ऊर्जा उपलब्धता बढ़ने के साथ ही सामाजिक-आर्थिक लाभ की संभावना है। अनुमान है कि इन तीन परियोजनाओं से लगभग 66,248 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे कोयला उत्पादन क्षेत्रों में आजीविका सृजन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर