
~ श्राची बंगाल टाइगर्स की लालरेमसियामी वुमेंस हीरो एचआईएल 2025-26 में रहीं रनर-अप ~
~ भारतीय दिग्गज अब वुमेंस 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स की तैयारी में जुटीं ~
नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)।
श्राची बंगाल टाइगर्स की फॉरवर्ड लालरेमसियामी ने वुमेंस हीरो हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) 2025-26 में अपनी टीम के रनर-अप रहने पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे व्यक्तिगत और टीम दोनों स्तर पर सीख से भरा सीजन बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम अगले सीजन में एक कदम और आगे बढ़ते हुए खिताब जरूर जीतेगी।
लालरेमसियामी ने एक आधिकारिक बयान में कहा,
“हमारे लिए यह सीजन काफी अच्छा रहा। हम जरूर चैंपियन बनना चाहते थे, लेकिन एक टीम के तौर पर हमने बेहतरीन प्रदर्शन किया। कई बार नतीजे आपके नियंत्रण में नहीं होते, लेकिन इस बार हीरो एचआईएल का अनुभव मुझे बहुत पसंद आया। हमने खेल का आनंद लिया और एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा।”
श्राची बंगाल टाइगर्स ने टूर्नामेंट में कई मुकाबले खेले, जो पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचे, जिसमें एसजी पाइपर्स के खिलाफ खेला गया फाइनल भी शामिल रहा। इन दबाव भरे मुकाबलों पर बात करते हुए लालरेमसियामी ने कहा कि टीम ने नतीजों से ज्यादा अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा।
उन्होंने कहा,“एसजी पाइपर्स के खिलाफ पहले भी हमारे मुकाबले बहुत करीबी रहे थे। एक मैच में आखिरी समय में गोल खाने के बाद शूटआउट हुआ और दूसरे में हम हावी रहे लेकिन गोल नहीं कर सके। हमें लगा कि हम मैच जीत सकते थे। फाइनल से पहले हमारा फोकस सिर्फ अपने खेल और स्किल्स पर था, लेकिन दुर्भाग्य से हम तय समय में जीत हासिल नहीं कर सके। फिर भी यह अनुभव हमारे लिए बहुत अहम रहा।”
टूर्नामेंट की धीमी शुरुआत के बाद बंगाल टाइगर्स ने लय पकड़ी। लालरेमसियामी ने टीम के माहौल, संवाद और सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका की जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “हमें कॉम्बिनेशन बनाने के लिए ज्यादा समय नहीं मिला था, लेकिन खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने एक-दूसरे को समझने में पूरी मेहनत की। टीम का माहौल और कम्युनिकेशन बहुत अच्छा रहा। सीनियर खिलाड़ियों ने युवा खिलाड़ियों को सही दिशा दिखाई, जिसका असर मैदान पर साफ दिखा।”
व्यक्तिगत तौर पर भी यह सीजन लालरेमसियामी के लिए खास रहा। उन्होंने तीन गोल दागे और टूर्नामेंट की टॉप-5 गोल स्कोरर्स में जगह बनाई।
उन्होंने कहा, “पिछले सीजन में मैं मिडफील्ड में खेल रही थी, लेकिन इस बार पूरे टूर्नामेंट में स्ट्राइकर की भूमिका में रही। इससे मुझे गोल करने के ज्यादा मौके मिले। मिडफील्ड और डिफेंस के खिलाड़ियों का सपोर्ट शानदार रहा। मैंने इस सीजन को काफी एन्जॉय किया।”
उन्होंने यह भी माना कि हीरो एचआईएल ने सर्कल के अंदर उनके फैसले लेने की क्षमता को बेहतर किया।
उन्होंने कहा, “स्ट्राइकर के तौर पर 1v1 और दबाव की परिस्थितियों में तुरंत फैसला लेना होता है। इस लीग में मुझे ऐसे कई मौके मिले। शुरुआत में कुछ गलत फैसले भी हुए, लेकिन मैच दर मैच मैंने सीखा और अब मेरा डिसीजन मेकिंग काफी बेहतर हुआ है।”
भारतीय खिलाड़ियों के मजबूत कोर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया, मोनिका और गुरजीत जैसी सीनियर खिलाड़ियों के साथ फिर से खेलना खास अनुभव रहा।
आगे की चुनौतियों को देखते हुए लालरेमसियामी ने कहा कि मार्च में हैदराबाद में होने वाले वुमेंस 2026 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स समेत बड़े टूर्नामेंटों में हीरो एचआईएल का अनुभव बेहद काम आएगा।
उन्होंने कहा, “आने वाले समय में हमें कई हाई-प्रेशर मैच खेलने हैं, जहां शूटआउट से नतीजे तय होंगे। हीरो एचआईएल ने हमें मानसिक तौर पर मजबूत बनाया है। यह अनुभव निश्चित रूप से वर्ल्ड कप क्वालिफायर्स और भविष्य के टूर्नामेंट में मेरी मदद करेगा।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे