सर्राफा बाजार में लगातार चौथे दिन सस्ती हुई चांदी

02 Jan 2026 11:26:54
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 02 जनवरी (हि.स.)। घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में गिरावट का रुख आज लगातार चौथे दिन भी जारी है। आज इस चमकीली धातु की कीमत में 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट आई है। कीमत में आई इस गिरावट के बावजूद चेन्नई और हैदराबाद में ये चमकीली धातु अभी भी 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर के ऊपर बनी हुई है। देश के अलग अलग सर्राफा बाजारों में आज चांदी 2,37,700 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 2,55,900 रुपये प्रति किलोग्राम तक के भाव पर बिक रही है।

दिल्ली में आज चांदी की कीमत 1,000 रुपये की गिरावट के कारण 2,37,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। इसी तरह मुंबई, अहमदाबाद और कोलकाता में चांदी 2,37,700 रुपये के भाव पर कारोबार कर रही है। जबकि जयपुर, सूरत और पुणे में चांदी 2,38,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। वहीं बेंगलुरु में चांदी 2,38,200 रुपये के स्तर पर और पटना तथा भुवनेश्वर में 2,37,800 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।

इसके अलावा हैदराबाद में चांदी 1,000 रुपये सस्ती होकर 2,55,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। देश में चांदी की सबसे अधिक कीमत आज भी चेन्नई में है, जहां ये चमकीली धातु आज 1,000 रुपये कमजोर होकर 2,55,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। आपको बता दें कि इस सप्ताह चेन्नई में चांदी की कीमत अपने शीर्ष स्तर से 19,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर चुकी है। पिछले रविवार को चेन्नई में चांदी की कीमत 2,75,000 हजार रुपये प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई थी।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमत में आई जोरदार तेजी और उसके बाद हुई मुनाफा वसूली का दौर अगले कुछ दिन तक जारी रह सकता है। टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल चांदी में कंसोलिडेशन का रुख बना हुआ है। इसलिए अगले कुछ दिन तक ये चमकीली धातु सीमित दायरे में कारोबार करती हुई नजर आ सकती है। हालांकि पिछले एक साल के दौरान जिस तरह से इसकी औद्योगिक क्षेत्र में, खासकर सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी से जुड़े उद्योगों में मांग बढ़ी है, उसके कारण चांदी की कीमत कुछ समय बाद एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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