
- इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त और प्रभारी अधीक्षण यंत्री को किया निलंबित
भोपाल, 02 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में दूषित जल प्रदाय से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने मामले में इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाने के निर्देश दिए हैं, साथ इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की रात जबलपुर के दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित जल प्रदाय से हुई घटना को लेकर जानकारी प्राप्त की। बैठक में इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में 28 दिसम्बर को उल्टी, दस्त के प्रकरण सामने आए थे। इसका संभावित कारण पेयजल प्रदूषण पाया गया। सूचना मिलते ही नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही की। अब तक कुल 13 हजार 444 घरों का सर्वेक्षण किया गया। कुल 310 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें से 235 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। चौबीस घंटे डॉक्टरों को ड्यूटी तय की गई। रेफेरल के लिए 10 एम्बुलेंस तैनात की गई। अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार के लिए बेड्स चिन्हांकित किए गए। विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजा गया। शिकायत के निवारण के 24X7 कॉल सेंटर सक्रिय है। घरों से 1600 से अधिक जल आपूर्ति के नमूने लिए गए। सहायता डेस्क भी स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे नगर निगम प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। जन-स्वास्थ्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के आयुक्त नगर निगम दिलीप यादव को हटाकर मंत्रालय में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही के लिए अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश के सभी नगरपालिक निगम के महापौर के साथ संभागायुक्त, कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर के साथ बैठक लेकर नागरिकों को साफ़ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत के प्रति सजग और सतर्क रहे। इंदौर में हुई घटना की किसी अन्य जगह पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के तालमेल में कमी नहीं होना चाहिए। पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिशा निर्देश जारी कर बैठक में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री द्वारा दिशा निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
नागरिकों को साफ़ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जारी दिशा-निर्देश के प्रमुख बिंदु
- सघन आबादी अथवा 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाईप लाईन का चिन्हांकन किया जाये।
- पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाईप लाईन, नालियों/सीवर पाईपलाईन के समीप अथवा नीचे से गुजरने वाली पाईप लाईनों का चिन्हांकन करें।
- चिन्हांकन में पाये गये रिसाव की 48 घंटे के अंदर मरम्मत सुनिश्चित करें।
- जल शोधन संयंत्र (WTP) तथा उच्च स्तरीय टंकियॉं (OHT's)/ Sump Tanks की साफ-सफाई का 07 दिवस के अंदर निरीक्षण करें।
- सभी जल शोधन संयंत्रों (WTP's), प्रमुख जल स्त्रोतों तथा उच्च स्तरीय टंकियों सम्प टेन्कस का तत्काल जल नमूना परीक्षण करें।
- प्रदूषण पाए जाने पर तत्काल जल आपूर्ति रोकी जाये एवं वैकल्पिक सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये।
- क्लोरिनेशन सिस्टम की 24x7 निगरानी की जाये।
- सभी नगरीय निकायों में पाइपलाइन लिकेज डिटेक्शन हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जाये।
- जल आपूर्ति से संबंधित प्राप्त शिकायतों को इमर्जेंसी में रखा जाये।
- लीकेज/दूषित जल शिकायतों का 24 से 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाये।
- सी.एम. हैल्पलाईन में गंदा/दूषित पेयजल तथा सीवेज से संबंधित प्राप्तशिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।
बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से शुक्रवार तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले शुक्रवार कोदोपहर में नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया का ट्रांसफर किया गया था। वहीं, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया था। इसके साथ ही इंदौर नगर निगम में तीन नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। खरगोन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश सिंह, आलीराजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक को निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।
भागीरथपुरा क्षेत्र में रिंग सर्वे प्रारंभ
भागीरथपुरा में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने रिंग सर्वे प्रारंभ किया है। रिंग सर्वे का आशय है कि भागीरथपुरा में जो भी हॉट स्पॉट मिले हैं, उनके घरों के आस-पास 50 घरों का सर्वे किया गया। रिंग सर्वे हेतु 20 टीमें क्षेत्र में कार्यरत हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 06 एम्बुलेंस लगाई गई हैं। साथ ही क्षेत्र में 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। मरीजों को एम.व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है, जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहॉ पर भी निःशुल्क उपचार, जॉच एवं औषधि व्यवस्था की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि आज 3 हजार 679 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें से लगभग 141 मरीज मिले। कल की ओपीडी में हल्के लक्षण वाले मरीजों का आज फॉलो अप किया गया, जल स्रोतों की मैपिंग की गई सीवरेज लाइन, ड्रेनेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया गया। उन्होंने बताया कि अभी तक विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 310 है। साथ ही कुल 107 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इस तरह वर्तमान में कुल 203 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार किया जा रहा है। वर्तमान में आईसीयू में 25 मरीज भर्ती है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर