भारत की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण मंच है वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

युगवार्ता    20-Jan-2026
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सीएम मोहन यादव (फाइल फोटो)


- उद्योग और व्यवसाय के उन्नयन की व्यापक संभावनाएं करेंगे साकार: मोहन यादव

भोपाल/दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम भारत की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजन में मध्य प्रदेश की सहभागिता उल्लेखनीय रहेगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शामिल होने के लिए दावोस रवाना होने से पहले मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम दावोस इस उद्देश्य के साथ जा रहे हैं कि हमारे युवाओं को रोजगार मिले और उत्पाद सही ढंग से बाजार तक पहुंचे और मध्य प्रदेश आर्थिक रूप से सम्पन्न बने। हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है कि इन प्रयासों से हमारा प्रदेश समृद्ध हो मध्य प्रदेश में निवेश की सभी तरह की संभावनाएं हैं। अच्छी टेक्नॉलोजी को लागू करने के लिए विश्व के प्रमुख उद्यमियों को आमंत्रित करने की जरूरत है। रोजगारपरक कामों के लिए सभी का साथ होना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्गेनिक एग्रीकल्चर एक बड़ा सेक्टर है जिसमें फूड से लेकर कई क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाएं हैं। कॉटन से लेकर अन्य कई क्षेत्रों में व्यापार-व्यवसाय के उन्नयन की संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को साकार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए हर तरह के अवसर मौजूद हैं। हमें बेहतर तकनीक को अपनाने के लिए उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहित करना होगा। रोजगार सृजन करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा और जैविक कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जो खाद्य पदार्थों से लेकर अन्य उद्योगों तक कई क्षेत्रों को कवर करता है। कपास उत्पादन से लेकर वस्त्र निर्माण के अलावा अन्य कई क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य के विकास के अवसर मौजूद हैं।

प्रत्येक राज्य को आगे बढ़ने का अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत चौथा स्थान हासिल करते हुए अब विश्व की तीसरी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। इस प्रकार से बदलते समय में देश के प्रत्येक राज्य के पास आगे बढ़ने के सुनहरे अवसर है। अन्य राज्यों को भी वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम जैसे वैश्विक आयोजन में शामिल होना चाहिए, जहां राज्यों को औद्योगिक निवेश प्राप्त करने का व्यापक अवसर मिलता है।

जीआईएस के 30 प्रतिशत प्रस्ताव धरातल पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। मध्य प्रदेश को देश-विदेश से जो निवेश मिले उसका 30 प्रतिशत धरातल पर उतारा जा चुका है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गत 25 दिसंबर में ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट में एक साथ 2 लाख करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया था। इस प्रकार से कुल 8.5 लाख करोड़ के औद्योगिक विकास कार्य धरातल पर आ गए हैं, आगे भी कार्य जारी हैं। यह मध्य प्रदेश की ग्रोथ को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित किया है। मध्य प्रदेश में कृषि विकास और उससे संबंधित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश निश्चित रूप से खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य उत्पादन, उद्यानिकी एवं दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनेगा।

मुख्यमंत्री बुधवार को दावोस में मप्र के विकास एजेंडे को वैश्विक मंच पर करेंगे साझा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को दावोस प्रवास के दौरान वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के वैश्विक मंच पर प्रदेश की निवेश, नीति और उपलब्ध निवेश अवसरों को साझा करेंगे। साथ ही औद्योगिक निवेश, उन्नत तकनीक, पर्यटन, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और रक्षा उत्पादन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों, नीतिगत स्पष्टता और दीर्घकालिक विकास के विजन की विस्तार से जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स में अंतरराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ एमओयू होंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी बबीता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उच्च स्तरीय संवादों में सहभागिता करेंगे, जिनमें यूटिलिटी-स्केल ऊर्जा संक्रमण, निवेश जोखिम न्यूनीकरण और उप-राष्ट्रीय सरकारों की भूमिका पर केंद्रित सत्र शामिल हैं। इन संवादों के माध्यम से राज्य में ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं, निजी निवेश को प्रोत्साहन और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मध्यप्रदेश मॉडल को वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि पर्यटन क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश की उभरती संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। ‘री-इमैजिनिंग टूरिज्म एट स्केल’ विषयक विशेष सत्र में संस्कृति, विरासत, नवाचार और कनेक्टिविटी के समन्वय से पर्यटन को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति पर अंतर्राष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी, एविएशन, टूरिज्म फोरम और क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े वैश्विक प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औपचारिक सत्रों के साथ संवाद, उद्योग जगत के साथ राउंड टेबल चर्चाएं, नेटवर्किंग मीटिंग और वैश्विक राजनीतिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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