
नई दिल्ली, 20 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अरावली श्रृंखला में स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के चारों ओर 0-1 किलोमीटर क्षेत्र को इको-सेंसिटिव जोन घोषित किया है। उदयपुर, राजसमंद और पाली जिलों के 94 गांवों को कवर करने वाले इस 243 वर्ग किमी क्षेत्र में खनन, भारी उद्योग, और नए होटल-रिसॉर्ट पर सख्त पाबंदी होगी। यह कदम तेंदुओं, भेड़ियों और अन्य जैव विविधता की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने मंगलवार को कहा कि पर्यावरण मंत्रालय ने अरावली पर्वत श्रृंखला में स्थित कुंभलगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य के आसपास शून्य से एक किलोमीटर तक फैले जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित करते हुए अधिसूचना जारी की है।
वनस्पति और जीव-जंतुओं से समृद्ध इस अभ्यारण्य में तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा, जंगली बिल्ली, भारतीय पैंगोलिन, नीलगाय और चिंकारा जैसे जानवर पाए जाते हैं। यह पेंटेड फ्रैंकोलिन जैसी पक्षी प्रजातियों का भी घर है। ईएससी क्षेत्र की घोषणा से न केवल समृद्ध जैव विविधता को फलने-फूलने में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के स्वदेशी समुदायों को जैविक खेती और कृषि वानिकी जैसी पर्यावरण के अनुकूल और समुदाय-केंद्रित पहलों के साथ स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में भी मदद मिलेगी। उन्हें एक स्थायी भविष्य के लिए कौशल विकास भी प्रदान किया जाएगा।
यह कदम प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत की समृद्ध और विविध पारिस्थितिकी के समुदाय-संचालित संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों से प्रेरित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी