दावोस, 21 जनवरी (हि.स.)। स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर कटाक्ष कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। ट्रंप ने महंगाई, जीवन-यापन की लागत और वैश्विक व्यापार असंतुलन पर बात करते हुए कहा कि लंबे समय तक अमेरिका बाकी देशों को “सब्सिडी” देता रहा, क्योंकि पूर्व राष्ट्रपतियों ने उन्हें ऐसा करने दिया।
इसी क्रम में ट्रंप ने मैक्रों का जिक्र करते हुए दावोस में उनके सनग्लास पहनने पर तंज कसा। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने मैक्रों को “खूबसूरत सनग्लास” में देखा और पूछा कि आखिर ऐसा क्या हो गया। गौरतलब है कि मैक्रों आंखों की समस्या के कारण चश्मा पहनते हैं।
ट्रंप ने इसके बाद दवाओं और प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स की कीमतों को लेकर फ्रांस के साथ हुए एक पुराने विवाद का जिक्र किया। उनके अनुसार, उन्होंने मैक्रों से कहा था कि फ्रांस समेत कई देश लंबे समय से दवाओं की कम कीमतों का फायदा उठाकर अमेरिका पर बोझ डाल रहे हैं। ट्रंप का दावा है कि जब मैक्रों ने दवाओं की कीमतें बढ़ाने से इनकार किया, तो उन्होंने फ्रांस पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क और फ्रांसीसी वाइन व शैंपेन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी।
ट्रंप के मुताबिक, इस सख्त रुख के बाद कुछ ही मिनटों में मैक्रों ने सहमति जता दी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ दशकों से “अनुचित व्यवहार” किया जा रहा था, जिसे वह बदलना चाहते थे। उनके इस बयान ने एक बार फिर व्यापार नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर बहस तेज कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय