नेपाल–भारत के बीच सीमा शुल्क नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए एमओयू

21 Jan 2026 21:09:53
नेपाल भारत  के बीच सीमा शुल्क समझौते के बाद हाथ मिलाते हुए दोनों देशों के अधिकारी


काठमांडू, 21 जनवरी (हि.स.)। नेपाल और भारत के बीच व्यापार को सुगम बनाने तथा सीमा शुल्क नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की जानकारी सीमा पर पहुंचने से पहले ही साझा करने संबंधी एक समझौता ज्ञापन(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

यह समझौता बुधवार को भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में नेपाल के सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक श्याम प्रसाद भंडारी और भारत के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी के बीच हस्ताक्षरित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय प्रचलन के अनुरूप अब नेपाल अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदार भारत के साथ निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का विवरण अग्रिम रूप से साझा करेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य जोखिम प्रबंधन के माध्यम से सीमा शुल्क जांच-पास प्रक्रिया को तेज और सरल बनाना है।

समझौता ज्ञापन में जोखिम विश्लेषण के जरिए सीमा शुल्क नियंत्रण और व्यापार सहजीकरण को प्रभावी बनाने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने तथा सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय व्यापार सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।

इसके तहत राष्ट्रीय कानून की सीमा के भीतर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आंकड़ों का आदान-प्रदान किया जाएगा और इन सूचनाओं का उपयोग केवल समझौते के उद्देश्य तक ही सीमित रहेगा।

प्रारंभिक चरण में दोनों पक्षों द्वारा सहमत कुछ निर्धारित वस्तुओं पर इसे पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा, और इसके बाद इसे सभी वस्तुओं पर लागू किया जाएगा।

हस्ताक्षर समारोह में महानिदेशक भंडारी ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के सीमा शुल्क प्रशासन के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “निर्यात वस्तुओं के आगमन से पहले आंकड़ों के आदान-प्रदान से जोखिम विश्लेषण करना आसान होगा। इससे जोखिमपूर्ण वस्तुओं की निगरानी में मदद मिलेगी और ईमानदार व्यापारियों को सहजीकरण प्रदान करते हुए सीमा शुल्क जांच-पास प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा।”

भारतीय पक्ष से विवेक चतुर्वेदी ने नेपाल के साथ इस महत्वपूर्ण समझौते पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इसके शीघ्र कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नेपाल सरकार की मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद सीमा शुल्क विभाग ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारियों की उपस्थिति रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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