लखनऊ बनी उत्तर प्रदेश की पहली जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी, शत-प्रतिशत कचरे का निपटान

21 Jan 2026 16:01:53
लखनऊ बनी उत्तर प्रदेश की पहली जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी


नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ राज्य का पहला ऐसा शहर बन गया है जिसे शून्य ताजा कचरा डंप शहर (जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी) का दर्जा दिया गया है। यानी शहर में रोजाना निकलने वाले सारे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा और कहीं भी खुले में नहीं फेंका जाएगा।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार, लखनऊ नगर निगम ने शिवारि में तीसरा ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र शुरू किया है। इस संयंत्र की क्षमता 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। साथ ही शहर में कुल तीन संयंत्र हो गए हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 2100 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। शहर में रोजाना करीब 2000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसे अब पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जा रहा है।

कचरे को दो हिस्सों में बांटा जाता है। जैविक (55 प्रतिशत) और अजैविक (45 प्रतिशत)। जैविक कचरे से खाद और बायोगैस बनाई जाती है, जबकि अजैविक कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है या फिर सीमेंट और पेपर उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन (आरडीएफ) में बदला जाता है। घर-घर से कचरा उठाने की दक्षता 96.53 प्रतिशत तक पहुंच गई है और 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग घर पर ही कचरे को अलग-अलग कर रहे हैं।

नगर निगम ने बताया कि शहर में जमा पुराने कचरे (लगभग 18.5 लाख मीट्रिक टन) में से 12.86 लाख मीट्रिक टन को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जा चुका है। इससे खाद, मिट्टी, आरडीएफ और निर्माण सामग्री जैसी चीजें बनी हैं, जिन्हें उद्योगों और बुनियादी ढांचे के कामों में इस्तेमाल किया गया है।

इस काम से करीब 25 एकड़ जमीन भी खाली कराई गई है, जहां अब आधुनिक कचरा प्रबंधन केंद्र बनाया गया है। आगे की योजना में शिवारि में एक वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने की तैयारी है, जो कचरे से बिजली बनाएगा। प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता 15 मेगावॉट होगी और यह रोजाना 1000 से 1200 मीट्रिक टन कचरे से बने ईंधन का इस्तेमाल करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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