
नई दिल्ली, 22 जनवरी (हि.स)। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में सहयोग को गहरा करने के लिए विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के मुताबिक इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से एमएसडीई विश्व आर्थिक मंच के साथ सहयोग करेगा, ताकि भारत में एक कौशल त्वरक (स्किल्स एक्सीलरेटर) लॉन्च और लागू किया जा सके। यह समझौता भारत के तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के प्रयासों का समर्थन करेगा, जिससे कौशल पहलों और उद्योग तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकसित होती मांगों के बीच निकट संरेखण सुनिश्चित होगा।
कौशल विकास एवं उद्यमिता के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री तथा भारत सरकार के शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत के कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को कार्य के भविष्य के साथ संरेखित करने का जो रणनीतिक दृष्टिकोण शुरू हुआ था, जो अब संरचित और वैश्विक रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के साथ साझेदारी में भारत कौशल त्वरक का औपचारिकीकरण एक भविष्य-तैयार, वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी कार्यबल निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर