
नई दिल्ली, 22 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी
(भाजपा) के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने 1984 के सिख नरसंहार से जुड़े सज्जन कुमार मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला बेहद पीड़ादायक है, लेकिन पीड़ित सिख परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई यहीं समाप्त नहीं होगी। चुग ने स्पष्ट कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार इस मामले को उच्च न्यायालयों तक ले जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सज्जन कुमार को उसके अपराधों की पूरी सज़ा मिले। उन्होंने कहा कि 1984 का सिख नरसंहार कांग्रेस का संगठित योजनाबद्ध अपराध था ।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में
चुग ने कहा कि 1984 में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने गांधी–नेहरू परिवार के इशारे पर पूरे देश को श्मशान में बदल दिया। 52 शहरों में सिखों को ज़िंदा जलाया गया, गुरुद्वारों को आग के हवाले किया गया और मतदाता सूचियों का इस्तेमाल कर कांग्रेस के गुंडे घर-घर जाकर सिखों की पहचान कर उन्हें जलाते रहे। यह कोई दंगा नहीं था बल्कि एक सुनियोजित नरसंहार था। इस नरसहांर की साजिश रचने वाले कांग्रेस नेताओं को बचाने, गवाह को डराने धमकाने और अपराधियों को संरक्षण देने का पाप कांग्रेस पार्टी ने किया।
चुग ने कहा कि 1984 से 2014 तक कांग्रेस पार्टी ने इन मामलों को दबाने का लगातार प्रयास किया। सबूत मिटाए गए, गवाहों को डराया गया और समय का इंतज़ार किया गया ताकि आरोपित बच निकलें। कांग्रेस ने सिख समुदाय के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया।
चुग ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन मामलों को गंभीरता से दोबारा खोला गया। आज सज्जन कुमार हत्या, दंगा, आगज़नी और नफ़रत फैलाने जैसी गंभीर धाराओं में जेल में है और वह जेल में ही रहेगा। न सिर्फ़ सज्जन कुमार, बल्कि वे सभी लोग जिन्होंने सिखों के गलों में टायर डालकर उन्हें सड़कों पर ज़िंदा जलाया, उन्हें भी न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
चुग ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं प्रताप सिंह बाजवा, राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी से सवाल पूछते हुए कहा कि उनका उन कांग्रेस नेताओं से क्या रिश्ता है जिन्होंने सिखों का कत्लेआम किया। वे उनके साथ मंच क्यों साझा करते हैं और पंजाब कांग्रेस इस अपराध पर चुप क्यों है।
चुग ने दोहराया कि सज्जन कुमार जेल में है और जेल में ही रहेगा। सिखों पर अत्याचार करने वाले किसी भी अपराधी को माफ़ नहीं किया जाएगा। 1984 की सच्चाई अब दबाई नहीं जा सकती और न्याय होकर रहेगा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली की अदालत ने गुरुवार को 1984 के दंगों से जुड़े जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा मामले में सज्जन कुमार को बरी कर दिया। इन हिंसाओं में दो लोगों की मौत हुई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी