दावोस में जेलेंस्की का यूरोप पर तीखा हमला, बोले- “शब्दों से नहीं, कार्रवाई से बनेगी नई विश्व व्यवस्था”

22 Jan 2026 20:51:53

दावोस, 22 जनवरी (हि.स.)। स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के मंच से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध, यूरोप की सुरक्षा नीति और वैश्विक नेतृत्व को लेकर कड़ा और भावनात्मक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि रूसी आक्रमण के बीच यूक्रेन पिछले कई हफ्तों, महीनों और वर्षों से एक ही दिन को बार-बार जी रहा है, ठीक हॉलीवुड फिल्म ग्राउंडहॉग डे की तरह।

जेलेंस्की ने यूरोप पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि एक साल पहले उन्होंने चेताया था कि यूरोप को अपनी रक्षा खुद करनी सीखनी होगी, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं। उन्होंने ग्रीनलैंड मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि यूरोपीय नेता अमेरिका के रुख के ठंडा पड़ने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि असली सवाल यह है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो यूरोप क्या करेगा।

उन्होंने ईरान, बेलारूस और रूस का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया की कमजोर और बिखरी प्रतिक्रिया तानाशाही ताकतों को और मजबूत करती है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस आज भी यूरोप के तटों के पास तेल भेज रहा है और प्रतिबंधों से बचने में सफल हो रहा है, जबकि यूरोप निर्णायक कदम उठाने में नाकाम रहा है।

नाटो पर जेलेंस्की ने कहा कि यह गठबंधन इस भरोसे पर टिका है कि संकट की घड़ी में अमेरिका आगे आएगा, लेकिन सवाल यह है कि अगर अमेरिका ने कदम पीछे खींच लिए तो क्या होगा। उन्होंने यूरोप के लिए एकजुट सैन्य ताकत की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि 40 सैनिक भेजना किसी भी रणनीतिक क्षेत्र की सुरक्षा का समाधान नहीं है।

अपने भाषण के अंत में जेलेंस्की ने कहा कि नई विश्व व्यवस्था सिर्फ शब्दों से नहीं बनती, उसके लिए समय पर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यूरोप से आह्वान किया कि वह एक वास्तविक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरे। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि युद्ध समाप्त करने से जुड़े दस्तावेज लगभग तैयार हैं, लेकिन इसके लिए रूस पर दबाव बढ़ाना जरूरी है।

जेलेंस्की ने अपने भाषण को एक मजबूत संदेश के साथ समाप्त किया—“अब कोई कल नहीं है, हमें आज ही इस ग्राउंडहॉग डे को खत्म करना होगा।”

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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