गल्फूड 2026 में भारत 161 प्रदर्शकों के साथ विविध एग्री-फूड इकोसिस्टम का करेगा प्रदर्शन

23 Jan 2026 15:27:53
गल्फूड 2026 के लोगो का प्रतीकात्‍मक  चित्र


नई दिल्‍ली, 23 जनवरी (हि.स)। भारत गल्फूड 2026 में 161 प्रदर्शकों के माध्यम से अपने विविध कृषि-खाद्य इकोसिस्टम का प्रदर्शन करेगा, जो 26 जनवरी से दुबई में होने वाला है। भारत पहली बार गल्फूड 2026 में भागीदार देश बना है।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि मंत्रालय के तहत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) दुबई में 26 जनवरी से आयोजित होने वाले गल्फूड 2026 में अपनी सुदृढ़, विस्तारित और प्रभावशाली मौजूदगी दर्ज करा रहा है, जो वैश्विक कृषि-खाद्य व्यापार में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है।

मंत्रालय के मुताबिक भारत गल्फूड 2026 में हिस्सेदार देश है, जो एक विश्वसनीय स्रोत गंतव्य और वैश्विक खाद्य सुरक्षा एवं सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक प्रमुख योगदानकर्ता के तौर पर इसके रणनीतिक महत्त्व को रेखांकित करता है। इस फूड शो में भारत की भागीदारी ग्लोबल एग्री-फूड ट्रेड में देश की बढ़ती स्थिति को और मजबूत करेगी। एपीडा का भारती पवेलियन आठ उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप को प्रदर्शित करेगा।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक भारत पहली बार इस इवेंट में पार्टनर बन रहा है, जो एक भरोसेमंद सोर्सिंग डेस्टिनेशन और ग्लोबल फूड सिक्योरिटी और मजबूत सप्लाई चेन में अहम योगदान देने वाले देश के तौर पर भारत की रणनीतिक अहमियत को दिखाता है। असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, केरल और पश्चिम बंगाल सहित 25 भारतीय राज्यों के एग्जिबिटर्स इस प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे।

भारत की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण भारती पवेलियन है, जो निर्यात के लिए तैयार कृषि-खाद्य और कृषि-तकनीक स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एपीडा की प्रमुख पहल है। दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के स्टार्टअप जोन में स्थित भारती पवेलियन में आठ उच्च क्षमता वाले भारतीय स्टार्टअप प्रदर्शित किए गए हैं, जिनका चयन 100 से अधिक आवेदकों में से राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। ये स्टार्टअप एपीडा के विदेश वाले खेत जैसे विजन के अनुरूप नवाचारी उत्पाद, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और निर्यात-सक्षम प्रस्तुतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Powered By Sangraha 9.0