
कोलकाता, 24 जनवरी (हि.स.)।भारतीय रेलवे के नेटवर्क में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22587) ने अपनी पहली वाणिज्यिक यात्रा की शुरुआत की। यह पहली बार है जब अमृत भारत श्रेणी की कोई ट्रेन सीधे सियालदह और बनारस जैसे दो प्राचीन, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ रही है।
यह हाई-स्पीड ट्रेन यात्रियों को आधुनिक रेल तकनीक के साथ आरामदायक और सुगम सफर का अनुभव देगी। ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दोनों सिरों पर इंजन लगाए गए हैं, जिससे बेहतर गति, संतुलन और झटके-रहित यात्रा संभव होगी। यह तकनीक इसे आधुनिक रेल यात्रा की दिशा में एक अग्रणी सेवा बनाती है।
सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन—शनिवार, सोमवार और बुधवार—को शाम 7:30 बजे सियालदह स्टेशन से रवाना होगी। रास्ते में यह दुर्गापुर (21:19/21:21), आसनसोल जंक्शन (21:42/21:45), मधुपुर जंक्शन (22:35/22:37) और जसीडीह जंक्शन (22:56/22:58) में ठहराव करेगी। इसके बाद अगले दिन पटना जंक्शन (02:43/02:50) और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (06:10/06:15) होते हुए सुबह 7:20 बजे बनारस पहुंचेगी।
वहीं, बनारस–सियालदह अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22588) सप्ताह में तीन दिन—शुक्रवार, रविवार और मंगलवार—को रात 10:10 बजे बनारस से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:55 बजे सियालदह पहुंचेगी।
इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक कोच लगाए गए हैं, जिनमें स्लीपर और जनरल सेकेंड क्लास के आठ-आठ और दो एलएसएलआरडीपीपी (दिव्यांगजन के लिए) कोच शामिल हैं।
रेलवे की ओर से बताया गया है कि सियालदह स्टेशन से अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा, तकनीकी उत्कृष्टता और लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार साबित होगा। यह सेवा न केवल यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगी, बल्कि देश के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्रों के बीच संपर्क को भी और मजबूत करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय