
नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। इस बार 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के तहत केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय लाल किले स्थित लॉन और ज्ञानपथ पर 31 जनवरी 2026 तक 6 दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक तथा पर्यटन उत्सव 'भारत पर्व 2026' का आयोजन करेगा। इसका उद्घाटन सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे।
पर्यटन मंत्रालय की रविवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत पर्व मंत्रालय का प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम है जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, कलात्मक, पाक कला और आध्यात्मिक विरासत का जश्न मनाता है। साथ ही एक भारत, श्रेष्ठ भारत और देखो अपना देश जैसी राष्ट्रीय पहलों को बढ़ावा देता है। वर्षों से, यह उत्सव भारत की विविधता में एकता और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुआ है।
इस महोत्सव का उद्देश्य भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करना, घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करना, कारीगरों और राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक मंच प्रदान करना, पर्यटन जागरूकता को बढ़ावा देना तथा सांस्कृतिक भागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
इस दौरान गणतंत्र दिवस की 41 झांकियों का प्रदर्शन, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश की मंडलियों, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, संगीत नाटक अकादमी तथा लोकप्रिय कलाकारों द्वारा 48 सांस्कृतिक, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बैंडों द्वारा 22 प्रस्तुतियां, देश भर से व्यंजनों के 60 स्टॉल तथा लाइव कुकिंग डेमोस्ट्रेशन, हस्तशिल्प और हथकरघा के 102 स्टॉल दर्शकों का मुख्य आकर्षण बनेंगे। इसके अलावा, 34 राज्य पर्यटन मंडप और 24 केंद्रीय मंत्रालय के स्टॉल लगाए गए। नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
इस कार्यक्रम में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, 25 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, देश भर के प्रमुख संस्थानों और संगठनों की भागीदारी होगी।
इस वर्ष का भारत पर्व विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह “वंदे मातरम” की 150वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित करने वाला और एकता, सांस्कृतिक गौरव व मातृभूमि के प्रति प्रेम का प्रतीक है। यह विषय विविधता में एकता और जनभागीदारी की संवैधानिक भावना को दर्शाती है।
भारत पर्व 2026 में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होने की उम्मीद है और यह भारत की विरासत, पर्यटन क्षमता तथा लोकतांत्रिक भावना का एक जीवंत उत्सव होगा।
यह महोत्सव 26 जनवरी को शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक और 27-31 जनवरी तक दोपहर 12:00 बजे से रात 9:00 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा। इसमें प्रवेश निःशुल्क है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी