'हिंद-दी-चादर' गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान से इंसानी मूल्यों की रक्षा की प्रेरणा मिली : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

25 Jan 2026 22:03:53
फोटो: नांदेड़ में 'हिंद दी चादर' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस


मुंबई, 25 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नांदेड़ में कहा कि 'हिंद-दी-चादर' गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान से इंसानी मूल्यों की रक्षा की प्रेरणा मिली। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि 'हिंद-दी-चादर' गुरु तेग बहादुर साहिब जी का बलिदान हमें सच्चाई, धर्म और इंसानी मूल्यों की रक्षा के लिए निडर होकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। इसीलिए राज्य सरकार ने उनके विचारों को राज्य के लोगों तक पहुंचाने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री फडणवीस रविवार को नांदेड़ के मोदी मैदान में आयोजित 'हिंद दी चादर' श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी स्मरणोत्सव कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी का बलिदान सिर्फ सिख धर्म के लिए ही नहीं, बल्कि इस देश की संस्कृति, सभ्यता, विचारधारा और धर्म की रक्षा के लिए भी था। उनकी वीरता, बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए लाखों लोग नांदेड़ की ऐतिहासिक धरती पर इकट्ठा हुए हैं। गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान ने पूरे देश में धर्म, आजादी और स्वाभिमान के लिए लड़ने की एक नई चेतना पैदा की। उनके शानदार इतिहास को सभी तक पहुंचाने के लिए शहीदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हर गांव, महल और बस्ती तक पहुंचकर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के इतिहास को हर घर तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने सिख गुरुओं के इतिहास को छात्रों तक पहुँचाने का काम किया है। यह श्री गुरु नानक देव जी में विश्वास रखने वाले और उनके विचारों में आस्था रखने वाले सभी समुदायों को एक साथ लाने की कोशिश है। देश की मुश्किल परिस्थितियों में श्री गुरु नानक देव जी ने एक महान विचार दिया है जो सबको जोड़ता है और मतभेदों को मिटाता है। उन विचारों ने पूरे देश में अलग-अलग समुदायों को जोडऩे का काम किया। इस प्रोग्राम के ज़रिए इसी सोच को लेकर सभी समुदायों को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है। संत नामदेव महाराज महाराष्ट्र के एक महान संत थे। उनकी समाधि पंजाब के घुमान में है। संत नामदेव के बताए गए विचार, उनके अभंग और पंक्तियां श्री गुरु ग्रंथ साहिब में जगह पा चुकी हैं। उनके विचार गुरबानी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं। इससे महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा और सिख समुदाय के बीच अनोखा, अटूट रिश्ता और मज़बूत हुआ है। श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज के लंबे समय तक रहने से नांदेड़ की ज़मीन पवित्र हो गई है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस जमीन ने सामाजिक मेलजोल को और मज़बूत करने का काम किया है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री कोनिडला पवन कल्याण, राज्य के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, पशुपालन मंत्री पंकजा मुंडे, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल, विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर, विशेष पुलिस उपमहानिरीक्षक शहाजी उमाप, जिलाधिकारी राहुल कर्डिले, पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार, गुरुद्वारा बोर्ड के प्रशासक डॉ. विजय सतबीर सिंह, शहीदी समागम कमेटी के राज्य समन्वयक रामेश्वर नाईक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव

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