
- मांडविया ने 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम-एसवाईएम लाभार्थियों से की बातचीत
नई दिल्ली, 26 जनवरी (हि.स)। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'सशक्त, समृद्ध भारत' की नींव रख रही है। डॉ. मांडविया ने सोमवार को यहां 77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम-एसवाईएम लाभार्थियों से बातचीत के दौरान यह बात कही।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि डॉ. मनसुख मांडविया ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। मंत्रालय के मुताबिक असंगठित क्षेत्र में उनके योगदान और इस प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना से उनके जुड़ाव को देखते हुए देशभर से 100 से ज्यादा लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था।
भारत सरकार की ओर से लाभार्थियों का स्वागत करते हुए श्रम और रोजगार मंत्री ने कहा कि ये निमंत्रण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर भेजा गया है, जो नागरिक-केंद्रित शासन और समावेशी विकास के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। उनको संबोधित करते हुए मंत्री जी ने असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और उम्मीदों को समझने के लिए शासन को जनता के करीब रहना चाहिए।
गणतंत्र दिवस समारोह का जिक्र करते हुए मंत्री ने राजपथ के कर्तव्यपथ में परिवर्तन के प्रतीकात्मक महत्व पर प्रकाश डाला, जो भारत के विकसित होते लोकतांत्रिक मूल्यों और सामूहिक कर्तव्यबोध को दिखाता है। उन्होंने सरकार की प्रमुख कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डाला, जिनमें लगभग 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त अनाज वितरण, बिजली और एलपीजी कनेक्शन की बढ़ती पहुंच, किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये उपाय 'सशक्त, समृद्ध भारत' की नींव रख रहे हैं।
लाभार्थियों ने पीएम-एसवाईएम योजना के अंतर्गत नामांकन कराने के अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सुनिश्चित पेंशन से उन्हें भविष्य को लेकर सुरक्षा का एहसास हुआ है। लाभार्थियों ने दिल्ली आमंत्रित करने और गणतंत्र दिवस परेड देखने का अवसर देने के लिए सरकार के प्रति आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उनका यह भरोसा और मजबूत हुआ कि सरकार उनकी चुनौतियों और उम्मीदों को समझती है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) योजना को 2019 में शुरू किया गया था, यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये तक है और जो ईपीएफओ, ईएसआईसी या राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत नहीं आते हैं, उसके लिए एक स्वैच्छिक और सहायक पेंशन योजना है। 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के पात्र श्रमिक एक छोटी मासिक किस्त जमा करके इस योजना में नामांकन करा सकते हैं, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से समान राशि का योगदान दिया जाएगा।
60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर, लाभार्थी को प्रति माह 3,000 रुपये की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन का अधिकार होगा। यह योजना पारिवारिक पेंशन लाभ भी प्रदान करती है, जिसमें लाभार्थी की मृत्यु की स्थिति में पति/पत्नी को पेंशन का 50 फीसदी हिस्सा देना शामिल है।
पीएम-एसवाईएम को मानधन पोर्टल और सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से शुरू किया जाता है, जिसमें मुफ्त नामांकन की सुविधा है, जो असंगठित कार्यबल के लिए सामाजिक सुरक्षा और आय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर