
प्रयागराज, 26 जनवरी (हि.स.)। अनेक विचारों को मानने वाले हिंदू समाज के सभी मत, पंथ, संप्रदाय का लक्ष्य एक हैl सामाजिक समरसता का भाव हिंदू समाज में जागृत कर हम हिंदू समाज के विघटन के लिए किये जा रहे षड्यंत्रों का करारा जवाब देंगे। यह बात सोमवार को प्रयागराज माघ मेला में स्थित विहिप शिविर में अखिल भारतीय धर्म आचार्य संपर्क विभाग की बैठक के दूसरे दिन धर्माचार्य को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कही।
उन्होंने कहा कि हमारा कार्य पूज्य संतों से संपर्क, मठ मंदिरों में संपर्क का है, समाज को जागृत करना पूज्य संतों का कार्य हैl पूज्य संतों के मार्गदर्शन से हिंदू समाज जागृत होता है, हिंदू समाज को अपने धर्म संस्कृति एवं संस्कार के लिए पूज्य संत ही प्रेरित करते हैं। विश्व हिंदू परिषद की स्थापना का उद्देश्य ही हिंदू धर्म, हिंदू संस्कृति का जागरण हैl
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए पूज्य संतों को हिंदू समाज को जागृत करना है, सकल हिंदू समाज एक है इस राष्ट्र में उत्पन्न सभी मत, पंथ, संप्रदाय एक हैंl अनेक विचारों को मानने वाले हिंदू समाज के सभी मत, पंथ,संप्रदाय का लक्ष्य एक हैl सामाजिक समरसता का भाव हिंदू समाज में जागृत कर हम हिंदू समाज के विघटन के लिए किये जा रहे षड्यंत्रों का करारा जवाब देंगे। आज हिंदू समाज के समक्ष धर्मांतरण एक चुनौती है, जिसका जवाब हिंदू समाज की जुटता से दिया जा सकता हैl
उन्होंने यह भी कहा कि अपने यहां भेदभाव जैसी भावना का समापन हो, इस दृष्टि से आज संगठन द्वारा अयोध्या में ऐसे अचार्यो को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो दूसरे देशों में जाकर हिंदू समाज के धर्म का प्रचार करेंगे। उनको अंग्रेजी, कंप्यूटर, वाद्य यंत्र की शिक्षा दिया जा रहा है, जिसमें शिक्षार्थियों का कोई जाति बंधन नहीं हैl ऐसा ही दूसरा उदाहरण संगठन द्वारा उड़ीसा के अंदर ट्राइबल लड़कियों को वेद की शिक्षा दी जा रही है जो पूरी दुनिया के लिए एक अनोखा उदाहरण है, संगठन द्वारा अनेक कार्यक्रमों में हिंदू समाज के सभी मत पंथ संप्रदायों को एकत्रित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। हम सब की जिम्मेदारी है कि पूज्य संतों को हिंदू समाज के जागरण के लिए उनके चरणों में निवेदन करें और वह अपने मठ,मंदिरों को सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाकर हिंदू समाज में संस्कारों के प्रति जागरण एवं धर्म संस्कृति का बोध, जो अपनी जड़ों से कट गए हैं। उन्हें जोड़ने का कार्य पूज्य संतों के माध्यम से ही होना है मठ मंदिर हिंदू समाज की गतिविधियों का केंद्र होते रहेl शिक्षा और संस्कार का केंद्र होते थे, इस व्यवस्था को आज समाज में पुनः स्थापित करना हैl
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का कार्य पूज्य संतों के मार्गदर्शन से होता है। मठ और मंदिर समाज की आस्था के केंद्र हैं, समाज में विचार देने का कार्य पूज्य संतों का हैl हिंदू समाज की गतिविधियां सामाजिक चेतना का केंद्र मठ मंदिर है और हिंदुओं को जगाने का कार्य पूज्य संतों के आशीर्वचन, कथा और प्रवचन के माध्यम से होता हैl नैतिकता और सदाचार परिवारों में संस्कार अच्छे हो, इसके लिए समाज को समय-समय पर पूज्य संतों के मार्गदर्शन की आवश्यकता रहती है l जो अपने क्षणिक लाभ के लिए हमसे दूर हुए हैं, उन्हें अपने साथ लाना पूज्य संतों के माध्यम से संभव हैl आज हमारी संस्कृति और धर्म पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे हैं,यह सब देन पूज्य संतों की है, हमें अपने गौरवशाली संस्कृति और पूरी दुनिया के कल्याण की कामना करने वाले धर्म की रक्षा उसके प्रति जागरण का कार्य समाज में पूज्य संतों के माध्यम से होना हैl
शिविर में प्रमुख रूप से अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर, वीरेंद्र विमल, क्षेत्रीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जितेंद्र , आद्याशंकर मिश्र, नरसिंह त्रिपाठी, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल