रोजगार घटा, असमानता बढ़ी और जीडीपी आंकड़े अविश्वसनीय : कांग्रेस

27 Jan 2026 16:34:53
एआईसीसी रिसर्च विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजीव गौड़ा


नई दिल्ली, 27 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस ने देश में असमानता बढ़ने, एफडीआई नकारात्मक होने, एशिया में पिछले एक साल में रुपए के सबसे कमजोर प्रदर्शन के साथ केंद्र सरकार पर जीडीपी के आंकड़े बढ़ा-चढ़ा कर बताने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के पूर्व सांसद और एआईसीसी रिसर्च विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजीव गौड़ा ने मंगलवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में अपनी वार्षिक रिपोर्ट 'रियल स्टेट ऑफ द इकोनॉमी 2026' जारी करते हुए केंद्र सरकार पर अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को चमकदार बताती है लेकिन हकीकत यह है कि नौकरियां घट रही हैं, असमानता बढ़ रही है और आम लोगों की हालत खराब होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बताया गया कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में रोजगार का हिस्सा घटा है, जबकि कृषि पर निर्भरता बढ़ी है। रोजगार वृद्धि मुख्यतः कम वेतन वाली, गिग अर्थव्यवस्था और अनौपचारिक क्षेत्र में हो रही है, जहां कर्मचारियों को न तो कॉन्ट्रैक्ट मिलता है और न ही सामाजिक सुरक्षा।

उन्होंने कहा कि देश में असमानता बढ़ रही है। शीर्ष 10 फीसदी लोग राष्ट्रीय आय और संपत्ति का अधिकांश हिस्सा अपने पास रखते हैं, जबकि आधी आबादी को बेहद कम हिस्सा मिलता है। पांच में से चार भारतीय 200 रुपये प्रतिदिन से कम पर गुजारा करते हैं।

उन्होंने सरकार के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आईएमएफ ने इन्हें सी ग्रेड दिया है। भारत सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने हिसाब लगाया कि सरकार द्वारा जारी जीडीपी आंकड़े वास्तविकता से कम से कम 2.5 फीसदी अधिक हैं।

गौड़ा ने कहा कि रुपये का प्रदर्शन एशिया में सबसे कमजोर रहा है, नेट एफडीआई नकारात्मक हो गया है और हर साल हजारों करोड़पति देश छोड़ कर विदेश में निवेश कर रहे हैं। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को 'गोल्डीलॉक्स मोमेंट' (एकदम संतुलित अवस्था में होना) बताती है, लेकिन असलियत यह है कि असमानता बढ़ रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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