भारत–ईयू समझौता: भारतीय व्यापारियों, एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी वैश्विक बढ़त

27 Jan 2026 17:31:53
भारत–यूरोपीय संघ व्‍यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया देते प्रवीण खंडेलवाल


नई दिल्‍ली, 27 जनवरी (हि.स)। भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्‍त व्यापार समझौते (एफटीए) को देश की वैश्विक आर्थिक सहभागिता में एक ऐतिहासिक और रणनीतिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक है, जिसके तहत भारत को एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

खंडेलवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह समझौता भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के लिए बाजार पहुंच को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा तथा भारत को वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से और अधिक मजबूती से जोड़ेगा। उन्होंने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती आर्थिक मजबूती, नीति-स्थिरता और सुधार आधारित विकास का स्पष्ट प्रमाण है।”

इस समझौते के प्रमुख लाभों को रेखांकित करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि भारत–ईयू समझौते से टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम होंगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा तथा मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही तकनीकी हस्तांतरण, नवाचार और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता एमएसएमई को नए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराएगा और आत्मनिर्भर भारत के विजन को वैश्विक एकीकरण के साथ सशक्त बनाएगा।

उन्होंने बताया कि इस समझौते से वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग वस्तुएं एवं ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स एवं हेल्थकेयर, आईटी एवं डिजिटल सेवाएं, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ सहित एमएसएमई और स्टार्टअप्स को विशेष लाभ होगा।

खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने तथा व्यापारियों, निर्माताओं, किसानों और उद्यमियों के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने के विजन के पूर्णतः अनुरूप है। उन्होंने कहा, “भारत–ईयू मुक्‍त व्यापार समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदारी है, जो भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और वैश्विक व्यापार में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।”

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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