रायपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार ने पर्यटन मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में कई प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। यह जानकारी पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को राज्य सभा में सांसद फुलो देवी नेताम द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इको-पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन सहित पर्यटन स्थलों का विकास एवं संवर्धन मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा किया जाता है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्तीय सहायता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों और विस्तृत परियोजना रिपोर्टों के आधार पर स्वीकृत की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण सदन के पटल पर रखा गया है।
पर्यटन मंत्री ने यह भी बताया कि पर्यटन और गंतव्य-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाते हुए स्वदेश दर्शन योजना को नए स्वरूप में स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में पुनः आरंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य सतत एवं उत्तरदायी पर्यटन स्थलों का विकास करना है। सतत पर्यटन के लिए तैयार राष्ट्रीय कार्यनीति में पर्यावरणीय स्थिरता को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में शामिल किया गया है, जिसे राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को कार्यान्वयन हेतु परिचालित किया गया है। इसके अनुरूप “ट्रैवल फॉर लाइफ” कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।
पर्यटन मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में कई प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। स्वदेश दर्शन 1.0 के अंतर्गत जशपुर-कुनकुरी-मैनपाट-कमलेश्वरपुर-महेशपुर-कुरदर-सरोधादादर-गंगरेल-कोंडागांव-नथियानवागांव-जगदलपुर-चित्रकूट-तीर्थगढ़ पर्यटन परिपथ के विकास के लिए 96.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत कवर्धा में भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए 145.99 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। चुनौती आधारित गंतव्य विकास योजना के अंतर्गत मयाली बगीचा को इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने हेतु 9.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रसाद योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में स्थित मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर के विकास के लिए 48.44 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त, पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास हेतु 95.79 करोड़ रुपये तथा जनजातीय एवं सांस्कृतिक सम्मेलन केंद्र के विकास के लिए 51.87 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य को पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए कुल 448.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान की गई है।
सरकार का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र सहित राज्य के वन एवं वन्यजीव बहुल क्षेत्रों को इको-पर्यटन के प्रमुख गंतव्यों के रूप में विकसित करना तथा स्थानीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा