आर्थिक सर्वे वैश्विक मंदी के बीच भारत की विकास क्षमता और मजबूती का देता है संकेत: खंडेलवाल

29 Jan 2026 18:02:53
कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का फाइल फोटो


नई दिल्‍ली, 29 जनवरी (हि.स)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने गुरुवार को कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 भारतीय अर्थव्यवस्था की एक आत्मविश्वासपूर्ण और विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करता है।

खंडेलवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से लोकसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि आगामी वित्‍त वर्ष 2026-27 के लिए 6.8 फीसदी से 7.2 फीसदी की सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) वृद्धि दर का अनुमान अत्यंत सराहनीय है, विशेषकर ऐसे समय में जब विश्व की अधिकांश अर्थव्यवस्थाएं मंदी, महंगाई के दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का सामना कर रही हैं।

कैट महामंत्री ने कहा कि प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की निरंतर विकास गति देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद, विवेकपूर्ण नीतिगत निर्णयों और सुधारोन्मुख शासन व्यवस्था को दर्शाती है। आर्थिक सर्वेक्षण इस तथ्य को और सुदृढ़ करता है कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह उत्साहजनक प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिनके संरचनात्मक सुधारों, अवसंरचना विस्तार, विनिर्माण को बढ़ावा, एमएसएमई सशक्तीकरण तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर विशेष ध्यान ने भारत को एक मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में परिवर्तित किया है।

खंडेलवाल ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए एक मज़बूत आधार प्रदान करता है और व्यापारियों, एमएसएमई, निवेशकों तथा नागरिकों के बीच यह विश्वास मज़बूत करता है कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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