आईएमके मॉड्यूल पर जांच में खुलासा, असम में हिंसा फैलाने की थी साजिश

03 Jan 2026 14:58:53
पकड़े गए इस्लामिक चरमपंथियों की तस्वीरें।


गुवाहाटी, 03 जनवरी (हि.स.)। असम के चिरांग, बाक्सा, बरपेटा और दरंग तथा त्रिपुरा के अगरतला से गिरफ्तार इमाम महमूदर काफिला (आईएमके) मॉड्यूल से जुड़े 11 अतंकियों का मकसद प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा फैलाना था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने बरपेटा, चिरांग और निचले असम के अन्य जिलों में धन संग्रह शुरू कर दिया था। कुछ मस्जिदों में कथित तौर पर भारतीय राज्यों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के लिए लोगों को उकसाया जा रहा था।

असम पुलिस ने शनिवार को बताया कि बरपेटा निवासी नसीम उद्दीन, जिसे अमीर बताया गया है, अप्रैल-मई 2024 में त्रिपुरा के एक सहयोगी के साथ बांग्लादेश गया था, जहां उसने बैठकों और प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लिया। पुलिस के अनुसार एसटीएफ पुलिस थाना कांड संख्या 06/2025 की जांच में अहम प्रगति करते हुए यह खुलासा हुआ कि वर्ष 2024 के अंत में नसीम उद्दीन उर्फ तमीम एक यूट्यूब चैनल के संपर्क में आया था। इसी दौरान उसकी बातचीत बांग्लादेश निवासी खालिद से हुई, जिसने बाद में उसे टेलीग्राम के माध्यम से जोड़ा। इस टेलीग्राम अकाउंट से धार्मिक पुस्तकों, पीडीएफ और तथाकथित संदेश भेजकर कट्टर विचारधारा का प्रचार किया गया।

पुलिस के अनुसार, खालिद ने बांग्लादेश के उमर, सुजान बिन सुल्तान, शमीम बराह, पश्चिम बंगाल के मीर रहमान तथा त्रिपुरा के अगरतला निवासी जगीर मियां के निर्देश पर हदीस की गलत व्याख्या करते हुए आने की बात कही। इसके बाद टेलीग्राम पर “पूर्व आकाश” नामक समूह बनाया गया, जिसका पहला प्रशासक खालिद था और बाद में नसीम उद्दीन को बनाया गया। इस समूह के जरिए “गजवा-ए-हिंद” से जुड़े संदेश कई सदस्यों तक पहुंचाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जिन धार्मिक पुस्तकों का हवाला दिया गया, वे वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं थीं। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह पूरा प्रचार फर्जी था और इसका संबंध ‘इमाम महमूदर काफिला’ (आईएमके) नामक संगठन से है, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) का एक उपगुट है। वर्ष 2018 में पूर्व जेएमबी कैडर ज्वेल महमूद उर्फ इमाम महमूद हबीबुल्लाह उर्फ सोहेल द्वारा स्थापित यह संगठन “गजवातुल हिंद” की हिंसक विचारधारा का प्रचार करता है।

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच चरणबद्ध तरीके से जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, फंडिंग स्रोतों तथा गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

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