

नई दिल्ली, 30 जनवरी (हि.स)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच विकसित भारत के दीर्घावधि विकास लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भारत और विश्व बैंक के बीच सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
वित्त मंत्री ने विश्व बैंक समूह के साथ नए कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क (सीपीएफ) का स्वागत किया, जो भारत सरकार के विकसित भारत विजन के साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। सीपीएफ का फोकस सार्वजनिक फंड को प्राइवेट पूंजी के साथ इस्तेमाल करने, ग्रामीण और शहरी भारत में ज़्यादा नौकरियां पैदा करने और विश्व बैंक समूह के ग्लोबल ज्ञान के साथ प्रोजेक्ट्स को बेहतर बनाने पर है।
सीतारमण ने कहा कि भारत अगले पांच सालों में सीपीएएफ के लागू होने और इससे होने वाले स्थायी प्रभाव का इंतजार कर रहा है। इस दौरान वित्त मंत्री ने एक ऐसी विकास साझेदारी के महत्व पर जोर दिया, जो सिर्फ फाइनेंसिंग से आगे बढ़कर ज्ञान साझा करने, तकनीकी सहायता और ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के आदान-प्रदान को भी शामिल करती है। इसके अलावा दोनों नेताओं ने विकसित भारत के दीर्घकालिक विकास विजन के समर्थन में भारत-विश्व बैंक सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर