
नई दिल्ली, 30 जनवरी (हि.स.)।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस से पहले भारत के लिए अच्छी खबर आई है। देश के दो आधारभूमि को रामसर स्थलों की सूची में शामिल कर लिया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ का छारी-ढांड शामिल है।
शुक्रवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि एटा स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ का छारी-ढांड, दोनों आर्द्रभूमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलना भारत की पर्यावरण संरक्षण और आर्द्रभूमि बचाने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा यहां चिंकारा, भेड़िए, कैराकल, मरु बिल्ली, मरु लोमड़ी और कई दुर्लभ व संकटग्रस्त पक्षियों का भी आवास है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के रामसर स्थलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 में जहां देश में 26 रामसर स्थल थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 98 हो गई है, जो करीब 276 प्रतिशत की वृद्धि है। यह उपलब्धि भारत के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी