
नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। मीडिया सेक्टर से जुड़ी कंपनी अमागी मीडिया लैब्स के पब्लिक इश्यू (आईपीओ) के लिए प्राइस बैंड और उसके साइज की घोषणा कर दी गई है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 343 रुपये से लेकर 361 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 41 शेयर का है। इस इश्यू का साइज 1,788.62 करोड़ रुपये का है।
अमागी मीडिया लैब्स का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 13 जनवरी को खुलेगा। निवेशक इसमें 16 जनवरी तक बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद 19 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 20 जनवरी को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 21 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 41 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,801 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,92,413 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,95,46,221 शेयर जारी हो रहे हैं। इसमें 2,26,03,878 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा 973 करोड़ रुपये के 2,69,42,343 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 321.27 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 245 करोड़ रुपये और 2024-25 में गिर कर 68.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 6.47 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 724.72 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 942.24 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,223.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी को 733.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था। कंपनी पर 2022-23 से लेकर अभी तक पूरी तरह से कर्ज मुक्त है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक