
नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें गर्व है कि हिंदी भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानवता को एक सूत्र में पिरोने वाली सेतु भाषा बन रही है।
राज्यमंत्री सिंह ने यह बात यहां के जवाहरलाल नेहरु भवन में विश्व हिंदी दिवस से पहले विदेश मंत्रालय के एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, मैं खुशी से अभिभूत हूं कि विदेशी राजनयिकों और राजदूतों द्वारा हिंदी में नववर्ष की शुभकामनाएं और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना पर दिए गए वक्तव्य अत्यंत प्रेरक रहे। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों द्वारा पुराने हिंदी बॉलीवुड गीतों की मधुर प्रस्तुति ने मुझे सचमुच मंत्रमुग्ध और आश्चर्यचकित कर दिया। मैंने हिंदी की वैश्विक आत्मा को जीवंत होते देखा।
उन्होंने हिंदी की शैक्षणिक और प्रशासनिक पहुंच के आंकड़े साझा करते हुए इन उपलब्धियों को देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आज 100 से अधिक देशों के 670 विश्वविद्यालयों, शिक्षण संस्थाओं और विद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है। देश के 37 पासपोर्ट कार्यालयों में से 22 में 70 प्रतिशत से अधिक कार्य हिंदी में हो रहा है।
मंत्री ने दोहराया कि हिंदी को मिल रही यह वैश्विक पहचान सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है। यह भाषा न केवल देश की सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बन रही है।
उल्लेखनीय है कि विश्व हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हिंदी भाषा के माध्यम से भारत की गौरवशाली संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना और उसकी गहरी विरासत से लोगों को परिचित कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी