भारत ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव के दावे को नकारा, कहा- हम फायदे के समझौते में रूचि रखते हैं

युगवार्ता    09-Jan-2026
Total Views |
MEA


नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणियों को नकारते हुए स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच पिछले साल आठ मौकों पर बातचीत हुई है। बातचीत में द्विपक्षीय व्यापार सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्रालय ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते में रुचि रखता है और इसे पूरा करने की उम्मीद करते हैं।

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने एक पोडकास्ट में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कटाक्ष भरी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि साल 2025 में समझौता लगभग तैयार था लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्यक्तिगत फोन कॉल नहीं किया, जिससे डील फाइनल नहीं हो सकी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि हमने टिप्पणियां देखी हैं। भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से, दोनों पक्षों ने एक संतुलित और आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है।

उन्होंने कहा कि कई मौकों पर हम समझौते के काफी करीब थे। रिपोर्ट की गई टिप्पणियों में इन चर्चाओं का किया गया वर्णन सही नहीं है। हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे पूरा करने की उम्मीद करते हैं।

उन्होंने कहा कि संयोग से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2025 के दौरान 8 बार फोन पर बात की। इनमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।

वहीं, अमेरिकी कांग्रेस में रूस से तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने वाले बिल पर प्रवक्ता ने भारत के पुराने रवैए को दोहराया। उन्होंने कहा कि हमें प्रस्तावित बिल के बारे में जानकारी है। हम घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा सोर्सिंग के बड़े सवाल पर हमारा रुख जगजाहिर है। हमारा प्रयास है कि हम वैश्विक बाज़ार की बदलती गतिशीलता और अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों से सस्ती ऊर्जा हासिल करें।

अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने के फैसले पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत बहुपक्षवाद का समर्थन करता है और मानता है कि वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों द्वारा परामर्श और सहयोगात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।

प्रवक्ता ने कहा कि हमने अमेरिका द्वारा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संयुक्त राष्ट्र के निकायों से हटने की घोषणा देखी है। अपनी स्थापना के बाद से अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन ने अपने 125 सदस्य देशों के बीच सौर ऊर्जा के उपयोग और सहयोग को बढ़ावा देने के अपने जनादेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हम इसके लक्ष्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

Tags