
कोलकाता, 01 अक्टूबर (हि.स.)। इंडी गठबंधन की बैठक के एक दिन बाद, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी से अपने बचे हुए विधायकों और सांसदों के साथ कांग्रेस में वापस आने की अपील की है। हालांकि, यह न्योता एक शर्त के साथ आया है। चौधरी ने ममता से अपने 'सामान' (बैगेज) को पीछे छोड़ने के लिए कहा है, जिसे स्पष्ट तौर पर उनके भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तंज माना जा रहा है।
दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक में ममता के शामिल होने के बाद चौधरी ने कहा कि इस समय किसी अलग पार्टी की कोई आवश्यकता नहीं है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के पास अब ज्यादा कुछ नहीं बचा है। चौधरी ने कहा कि वे ममता बनर्जी से अपील करते हैं कि वह सभी बचे हुए विधायकों और सांसदों के साथ कांग्रेस में शामिल हो जाएं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस आलाकमान से भी अपील करेंगे कि उन्हें पार्टी में वापस लिया जाए और बंगाल में कांग्रेस उनका नेतृत्व स्वीकार कर उनके अधीन काम करने को तैयार है।
कांग्रेस नेता ने आलाकमान से इस विलय की राह आसान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहयोग की भावना के तहत, जैसे ममता ने छह अक्टूबर के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया है, वैसे ही उन्हें रेजीनगर में भी कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए। चौधरी ने कहा कि जब ममता ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन की शरण ली है, तो उन्हें मूल पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए।
उधर, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर तभी विचार करेगी जब वह कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से आधिकारिक रूप से आएगा। रॉय ने कहा कि चौधरी ने वही कहा जो उन्हें लगा, लेकिन टीएमसी अब एक अलग पार्टी है और गठबंधन का अहम हिस्सा है।
चौधरी की 'बैगेज' वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रॉय ने साफ किया कि अभिषेक बनर्जी के बिना पार्टी से जुड़ा कोई भी फैसला नहीं लिया जा सकता, क्योंकि वह उसके शीर्ष नेता और राष्ट्रीय महासचिव हैं।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर