दिव्यांगजन के लिए छूट वाले फास्टैग नियमों में बदलाव, अब हर साल नवीनीकरण की जरूरत नहीं

01 Oct 2026 19:34:53

नई दिल्ली, 01 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन के वाहनों के लिए जारी किए जाने वाले शुल्क मुक्त फास्टैग के नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत पात्र लाभार्थियों को हर साल फास्टैग का नवीनीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, संशोधित दिशा-निर्देश 02 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। इनका उद्देश्य पात्र दिव्यांगजन के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संबंधी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाना है।

नए नियमों के तहत शारीरिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के उपयोग के लिए विशेष रूप से डिजाइन और निर्मित वाहनों तथा ‘दिव्यांगजन’ स्वामित्व श्रेणी में पंजीकृत वाहनों के लिए वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड या अन्य लागू दस्तावेजों में दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर शुल्क-मुक्त फास्टैग जारी किया जाएगा।

मंत्रालय ने बताया कि पहले शुल्क मुक्त फास्टैग का हर साल नवीनीकरण अनिवार्य था। संशोधित व्यवस्था में 70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लाभार्थियों के फास्टैग की वैधता पांच वर्ष होगी, जबकि 40 से 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले लाभार्थियों के फास्टैग की वैधता तीन वर्ष होगी।

वैधता अवधि समाप्त होने के बाद शुल्क-मुक्त फास्टैग का नवीनीकरण किया जा सकेगा, बशर्ते लाभार्थी पात्रता की शर्तें पूरी करता हो और राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के प्रावधानों का अनुपालन करता हो।

सरकार के अनुसार, संशोधित व्यवस्था से दिव्यांगजन के लिए टोल छूट संबंधी प्रक्रियाओं में बार-बार होने वाली औपचारिकताओं में कमी आएगी और राष्ट्रीय राजमार्गों की टोल व्यवस्था को अधिक सुगम एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Powered By Sangraha 9.0