
मुंबई, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और काक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में शनिवार को मुंबई और पुणे में कई ठिकानों पर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इसी दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद मुंबई का माहौल तनावपूर्ण हो गया था, लेकिन करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने तुषार गांधी को रिहा कर दिया।
मुंबई में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए सीजेपी के दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आगस्त क्रांति मैदान में तुषार गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन आयोजित किया गया था। लेकिन पुलिस ने तुषार गांधी को बांद्रा से ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद शिवसेना यूबीटी के नेता और विधायक आक्रामक होकर सडक़ों पर उतर गए। यहां तक कि तुषार गांधी की बेटी कस्तुरी गांधी भी सडक़ों पर उतर कर प्रदर्शन में शामिल हो गईं, जिससे पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, लेकिन शिवसेना यूबीटी के आक्रामक रवैये की वजह से पुलिस ने शाम को तुषार गांधी को छोड़ दिया। हालांकि आगस्त क्रांति मैदान पर बहुत से प्रदर्शनकारी प्रदर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया। मुंबई में प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात दिख रही है।
दिल्ली में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत लिए जाने के बाद सीजेपी समर्थकों ने पुणे जिले में सरकार वाड़ा से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चे का आयोजन किया था। जिससे भारी संख्या में सीजेपी कार्यकर्ता सरकार वाड़ा के पास जमा होकर सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। इससे पुणे पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। पुणे पुलिस हिरासत में लिए गए सीजेपी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। हालांकि सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस सतर्क है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव