अहमदाबाद में 12 अक्टूबर को ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेलों का आयोजन, मांडविया करेंगे उद्घाटन

10 Oct 2026 15:30:53
अहमदाबाद में ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी खेलों का आयोजन 12 अक्टूबर को


अहमदाबाद, 10 अक्टूबर (हि.स.)। ब्रिक्स पारंपरिक और स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 का आयोजन 12 अक्टूबर को अहमदाबाद में आयोजित किए जाएंगे। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया अहमदाबाद के वीर सावरकर खेल परिसर में इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित होने वाले इस समारोह में सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल अपनी पारंपरिक खेल विधाओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार और गुजरात सरकार के सहयोग से आयोजित इस समारोह में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे और गुजरात के खेल राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित भी उपस्थित रहेंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य खेलों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और विभिन्न देशों के लोगों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। यह गैर-प्रतिस्पर्धी मंच होगा, जहां पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन, उनका दस्तावेजीकरण और उनसे जुड़ी जानकारी साझा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें खेलों के सांस्कृतिक महत्व, खिलाड़ियों और खेल परंपराओं से जुड़े लोगों के बीच संवाद तथा ज्ञान के आदान-प्रदान को प्राथमिकता दी जाएगी।

विभिन्न देशों की पारंपरिक खेल विधाओं का होगा प्रदर्शन

समारोह में बेलारूस की गोरोदकी और बोलीविया की लुचा दे चोलितास, टिंकू, रायुएला, ट्रोम्पो, काचिनास तथा बोरी दौड़ जैसी पारंपरिक विधाएं प्रदर्शित की जाएंगी। ब्राजील की स्वदेशी फूंक नली विधा, लकड़ी के लट्ठों की दौड़, पैरा-जिउ-जित्सु और कैपोएरा भी आकर्षण का केंद्र होंगी।

चीन की वुशु, शेर नृत्य और स्वास्थ्य संबंधी चीगोंग विधाओं के साथ इथियोपिया की पारंपरिक कुश्ती, गेना और अन्य स्थानीय खेलों का प्रदर्शन होगा। भारत की ओर से मल्लखंभ, योगासन और कलारीपयट्टू प्रस्तुत किए जाएंगे। ईरान की ज़ूरखानेह, हफ्त संग और घानियेह, कजाखस्तान की असिक अतु, तोगिज़कुमालक और कजाख कुश्ती तथा रूस की गोरोदकी और साम्बो भी आयोजन का हिस्सा होंगी।

दक्षिण अफ्रीका की कगाती और इंटोंगा तथा संयुक्त अरब अमीरात की अल तब्बाह खेल परंपरा भी प्रदर्शित की जाएगी।

खेल सहयोग बढ़ाने के लिए होंगी द्विपक्षीय बैठकें

आयोजन के दौरान भारत और अन्य सहभागी देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में खेलों के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने और ब्रिक्स के दायरे में पारंपरिक तथा स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

यह समारोह विभिन्न देशों की समृद्ध खेल विरासत को सामने लाने के साथ सांस्कृतिक समझ, आपसी संवाद और ब्रिक्स देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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