भारतीय ओलंपिक संघ के चुनाव 05 दिसंबर को, पीटी उषा ने इसे सुशासन की दिशा में बताया अहम कदम

10 Oct 2026 17:15:53
भारतीय ओलंपिक संघ लोगो


नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने शनिवार को घोषणा की कि उसकी नई कार्यकारी परिषद के चुनाव पांच दिसंबर 2026 को होंगे। मौजूदा कार्यकारी परिषद का कार्यकाल समाप्त होने से पांच दिन पहले होने वाले इन चुनावों के लिए संघ ने दिल्ली और चंडीगढ़ के पूर्व मुख्य चुनाव अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है।

आईओए के अनुसार, पूरी चुनाव प्रक्रिया राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम 2025, राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम 2026, संघ के संशोधित संविधान तथा लागू चुनाव उपनियमों और नियमों के अनुरूप संचालित की जाएगी। निर्वाचन अधिकारी एथलीट आयोग, विशिष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों की श्रेणी और भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी परिषद के चुनावों की निगरानी करेंगे।

आईओए ने एक बयान में कहा कि सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को वर्ष 2026 के चुनावों के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह एथलीट आयोग, विशिष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों और कार्यकारी परिषद से संबंधित चुनावों का संचालन, निगरानी और पर्यवेक्षण करेंगे।

विशिष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों की सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू

भारतीय ओलंपिक संघ ने विशिष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया 18 सितंबर को आवेदन पत्र जारी करने के साथ शुरू की थी। पात्र खिलाड़ी 18 अक्टूबर तक अपने आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। इसके बाद राष्ट्रीय खेल शासन व्यवस्था के तहत निर्धारित पात्रता और श्रेणी संबंधी मानदंडों के अनुसार सूची तैयार की जाएगी।

संघ ने एथलीट आयोग के वर्ष 2026 से 2030 के कार्यकाल के लिए भी चुनावों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए मतदान, मतगणना और परिणामों की घोषणा तीन नवंबर को निर्धारित की गई है।

भारतीय ओलंपिक संघ ने बताया कि पात्र राष्ट्रीय खेल महासंघों के सदस्यों को अपने विधिवत गठित एथलीट आयोगों के माध्यम से दो खिलाड़ी प्रतिनिधियों को नामित करना होगा। नामांकन जमा करने की अंतिम समय सीमा 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर दो बजे है।

एथलीट आयोग में 10 निर्वाचित खिलाड़ी होंगे, जिनमें पांच पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। नियमों के तहत ओलंपिक श्रेणी के खेलों और प्रमुख प्रतियोगिताओं में उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों का निर्धारित प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया जाएगा।

पीटी उषा ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने चुनाव प्रक्रिया को सुशासन मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के चुनाव भारतीय ओलंपिक आंदोलन में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में अहम हैं।

उषा के अनुसार, संघ का उद्देश्य ऐसी मजबूत, विश्वसनीय और खिलाड़ियों को केंद्र में रखने वाली संस्थाओं का निर्माण करना है, जो ओलंपिक चार्टर और राष्ट्रीय खेल शासन व्यवस्था के अनुरूप काम करें।

उन्होंने कहा कि अनुभवी पूर्व चुनाव अधिकारी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करना स्वतंत्र, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया के प्रति संघ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संघ चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्रता का पूरा सम्मान करते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

पीटी उषा ने 10 दिसंबर 2022 को नई दिल्ली में निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष का पद संभाला था। वह इस राष्ट्रीय ओलंपिक संस्था की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला हैं।

2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी के बीच चुनाव अहम

भारत वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की आकांक्षा रखता है। ऐसे में भारतीय ओलंपिक संघ के लिए मजबूत शासन व्यवस्था और खिलाड़ियों को केंद्र में रखने वाला दृष्टिकोण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर भारत अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के साथ संवाद प्रक्रिया में शामिल सात इच्छुक पक्षों में से एक है। अन्य पक्षों में जर्मनी, हंगरी, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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