देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही कांग्रेस: प्रह्लाद जोशी

11 Oct 2026 17:37:53
ಪ್ರಹ್ಲಾದ ಜೋಶಿ ಸಂಗ್ರಹ ಚಿತ್ರ


हुब्बली, 11 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।

कर्नाटक के हुब्बली में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में शनिवार को किया गया प्रदर्शन कोई न्यायसंगत आंदोलन नहीं था बल्कि देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास था।

जोशी ने कहा कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस और सीजेपी इस प्रक्रिया के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे देश में अराजकता फैलाने का उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि सरकार देश में अराजकता फैलाने के प्रयासों को देखकर चुप नहीं बैठ सकती। ऐसी स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पड़ते हैं। इसी के तहत शनिवार को अराजकता रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने न्यूनतम आवश्यक कदम उठाए।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान लगभग तीन करोड़ मृत व्यक्तियों के नाम और तीन करोड़ दोहरी प्रविष्टियों तथा फर्जी मतदाताओं के नाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूची में नहीं मिल रहे लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए जाएं। लेकिन इन नामों में मृत व्यक्तियों, दूसरे स्थानों पर जा चुके लोगों, फर्जी मतदाताओं और अवैध प्रवासियों के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखे जाने चाहिए क्या? जोशी ने कहा कि यदि कोई पात्र मतदाता है, तो उसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने नाम में सुधार कराने का अवसर निर्वाचन आयोग ने दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर अपने नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी.के. शिवकुमार आरोप लगा रहे हैं कि राज्य में 50 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। लेकिन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल 90 हजार मतदाताओं के नाम ही अपात्रों की सूची में हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि ऐसा है तो साजिश कौन कर रहा है?

प्रह्लाद जोशी ने सवाल उठाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित नीतियां और नियम भले केंद्र सरकार ने बनाए हों लेकिन राज्य में इस प्रक्रिया को लागू कौन कर रहा है? तहसीलदार, उपखंड अधिकारी और जिलाधिकारी क्या राज्य सरकार के अधीन काम नहीं करते हैं? ऐसे में इसमें केंद्र की साजिश कहां से आ गई?

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार और अवसर प्राप्त है। लेकिन यह कहना कि देश के कानून को नहीं मानेंगे और संविधान का पालन नहीं करेंगे, अराजकता फैलाने की मानसिकता को दर्शाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश एम.बी.

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