
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में दुर्गा (ड्राइविंग, अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वुमेन/ट्रांसजेंडर ई-ऑटो) योजना का डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया। योजना के पहले चरण में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को कुल 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इनमें 1,170 ई-ऑटो महिलाओं और 130 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर्स के लिए निर्धारित हैं। सरकार का उद्देश्य इन वर्गों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ दिल्ली में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें सुरक्षित परिवहन व्यवस्था से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। दुर्गा ई-ऑटो योजना के माध्यम से लाभार्थी इलेक्ट्रिक ऑटो के मालिक और चालक बनकर सम्मानजनक रोजगार हासिल कर सकेंगे। इस अवसर पर परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया मंजूरी मिलने के बाद तीन महीने तक खुली रहेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए समर्पित डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया है। यदि किसी जिले में निर्धारित कोटे से अधिक पात्र आवेदन प्राप्त होते हैं, तो ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से ई-ऑटो का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद चयनित पात्र लाभार्थियों को आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए प्रत्येक राजस्व जिले में अधिकतम 90 और ट्रांसजेंडर्स के लिए अधिकतम 10 ई-ऑटो का कोटा निर्धारित किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदकों की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनका दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है। उनके पास वैध हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) का ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन (पीएसवी) बैज होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, अधिकतम तीन जीवित बच्चों से संबंधित निर्धारित शर्त भी लागू होगी। ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए भी आयु, दिल्ली में निवास, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज संबंधी शर्तें तय की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार महिला कॉलेजों के आसपास दुर्गा ई-ऑटो के लिए स्टैंड बनाने पर भी विचार कर रही है, ताकि छात्राओं और अन्य महिला यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, दिल्ली मेट्रो और एनसीआरटीसी से नमो भारत आरआरटीएस तथा मेट्रो स्टेशनों पर दुर्गा ई-ऑटो के लिए समर्पित पार्किंग और चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस, नगर निगम और संबंधित परिवहन संस्थाओं के बीच समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि योजना से केवल ई-ऑटो संचालन तक ही रोजगार सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय मरम्मत कार्यशालाओं, वाहन सर्विसिंग, चार्जिंग सेवाओं, बैटरी रीसाइक्लिंग और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। लाभार्थियों की आजीविका और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में होने वाले बदलावों का आकलन दो चरणों में किया जाएगा, जिससे योजना के प्रभावों को समझकर भविष्य में इसे और प्रभावी बनाया जा सके।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दुर्गा ई-ऑटो योजना के लाभार्थी दिल्ली की लागू ईवी नीति-2026 के तहत निर्धारित खरीद प्रोत्साहनों का लाभ भी उठा सकेंगे। इसके अलावा, उबर, ओला, भारत टैक्सी और रैपिडो जैसे एग्रीगेटर्स से दुर्गा ई-ऑटो चालकों को छह महीने तक निःशुल्क ऑनबोर्डिंग और सब्सक्रिप्शन उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा। इससे चालकों को यात्रियों तक पहुंच बनाने और अपने ई-ऑटो का संचालन शुरू करने में सहायता मिलेगी।
सरकार के अनुसार, दुर्गा ई-ऑटो योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के साथ दिल्ली में सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी