पंजाब सीएम भगवंत मान के ओएसडी पर सीबीआई की किसी भी कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

12 Oct 2026 17:36:53
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फाेटाे)


- पंजाब सरकार की अपील पर सीबीआई को नोटिस जारी करके जवाब मांगा

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन और राज्य सरकार से जुड़े अन्य लोगों को साेमवार बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की किसी भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने पंजाब सरकार की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया है।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साफ किया कि अंतरिम राहत का मतलब जांच पर रोक नहीं है। न्यायालय ने पंजाब सरकार और सम्बन्धित पक्षों को निर्देश दिया कि वे इस सीबीआई जांच में पूर्ण सहयोग करें। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के 5 अक्टूबर के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें ईडी के इनपुट के आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग और टेंडर भ्रष्टाचार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया गया था। उच्च न्यायालय ने जांच एजेंसी को दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। फिलहाल, उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।

यह पूरा विवाद ईडी द्वारा पंजाब पुलिस को भेजी गई गोपनीय जानकारियों और व्हाट्सएप चैट्स से शुरू हुआ था। इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और अनुकूल सरकारी नीतियां बनाने के बदले रिश्वत लेने के गंभीर आरोप हैं।

पंजाब सरकार का तर्क है कि उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धारा 17ए के तहत अनिवार्य सरकारी मंजूरी के बिना ही सीधे एफआईआर दर्ज करने का गलत आदेश दे दिया था। फिलहाल, उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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